सचिन को भारत रत्न मामले में फैसला सुरक्षित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दिए जाने को चुनौती देने
न्यायमूर्ति
इम्तियाज मुर्तजा और न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ के
समक्ष आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर व उनकी पत्नी नूतन ठाकुर की इस पीआईएल पर
सुनवाई हुई।
याचियों का कहना है कि क्रिकेट विकास विरोधी खेल है। ऐसे में
इसके लिए सचिन को दिया गया भारत रत्न पुरस्कार रद्द किया जाना चाहिए।
पढ़ें-
यूपी में हाईकोर्ट ने लगाई रामलीला पर रोक
याचियों ने पुरस्कार दिए जाने की नीति को समुचित ढंग से समिति बनाकर
परिभाषित किए जाने के निर्देश देने का भी आग्रह किया है।
उधर, केंद्र सरकार
की तरफ से याचिका को सुनवाई किए जाने लायक न होने की दलील दी गई।
कोर्ट ने
याचिका पर पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया।
और खबरों के लिए यहां आएं...