खुशखबरीः परिषदीय स्कूलों में मिलेगी मनचाही जगह नौकरी
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परिषदीय स्कूलों में घर से दूर नौकरी करने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें मनचाही जगह पर नौकरी मिल सकेगी। बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने कहा है कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को मनचाही तैनाती दी जाएगी। इससे वे बच्चों को मन लगाकर पढ़ा सकेंगे।
इसके लिए जिलों के अंदर तबादला देने के लिए जल्द ही नीति लाई जा रही है। शिक्षकों को मनचाही तैनाती पाने के लिए अपने विकासखंड के तीन स्कूलों का विकल्प देना होगा। विकल्प में यदि एक ही स्कूलों के कई प्रार्थना पत्र आते हैं तो निशक्त, विधवा व गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को वरीयता दी जाएगी। सामान्य स्थिति में वरिष्ठता को आधार माना जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए स्टेट रिसोर्स क्वालिटी ग्रुप का गठन किया गया है। सर्व शिक्षा अभियान की राज्य परियोजना निदेशक की अध्यक्षता में गठित इस ग्रुप में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, क्षेत्रीय अधिकारी, विभिन्न संघों के प्रतिनिधि व स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि बतौर सदस्य के रूप में नामित किए गए हैं।
स्टेट रिसोर्स क्वालिटी ग्रुप छात्र-छात्राओं के उपलब्धि स्तर को बढ़ाने, शिक्षकों के प्रशिक्षण तथा राज्य स्तरीय शोध एवं सर्वेक्षणों के संबंध में अपने महत्वपूर्ण सुझाव व संस्तुति देगा। इस पर विचार कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्य योजना लागू की जाएगी।
शिक्षकों के लिए ही एक और खुशबखरी
यूपी बोर्ड परीक्षा कार्यों के भुगतान में देरी पर जिला विद्यालय निरीक्षकों को फटकार लगी है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव शैल यादव ने प्रदेशभर के डीआईओएस को भेजे पत्र में नाराजगी जताते हुए कहा है कि जिलों को धन भेजने के बाद भी यात्रा व्यय में 15.61 और पारिश्रमिक मद में 38.77 प्रतिशत ही भुगतान किया गया है। इस तरह की लापरवाही ठीक नहीं है।
यूपी बोर्ड परीक्षा में हर साल 60 से 65 लाख परीक्षार्थी बैठते हैं। परीक्षा कार्य में लगने वाले प्रधानाचार्य, शिक्षक, कर्मचारी व अधिकारियों को यात्रा व्यय के साथ पारिश्रमिक भी दिया जाता है। माध्यमिक शिक्षा परिषद इस मद में जिला विद्यालय निरीक्षकों के खाते में पैसे का भुगतान करती है।
इसके लिए मूल्यांकन केंद्रों पर लगने वाले परीक्षकों के यात्रा एवं पारिश्रमिक देयकों का 93,31,580, पारिश्रमिक का 35,97,75,000, बंडल वाहकों के यात्रा मद में भुगतान का 32,60,000, कक्ष निरीक्षकों व अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों के पारिश्रमिक के लिए 15 करोड़ रुपये की धनराशि जिलों को दी गई है।
वित्त विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिला विद्यालय निरीक्षकों ने आवंटित धन के मुकाबले यात्रा मद में 15.61 तथा पारिश्रमिक मद में 38.77 प्रतिशत ही खर्च किया है, जो काफी चिंताजनक है।
जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि पूर्व में दी गई राशि पात्रों को बांटते हुए इसकी सूचना परिषद कार्यालय को दी जाए।