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एसजीपीजीआई में पीडीसीसी वालों के सेवा विस्तार से बवाल

Mon, 15 Nov 2021 01:57 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Nov 2021 01:57 AM IST
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Ruckus in service extension to those who have Post doctroral  certificate course in pgi
सेवा विस्तार को लेकर पीजीआई को लेकर बवाल। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
एसजीपीजीआई में अब पोस्ट डॉक्ट्रोरेल सर्टिफिकेट कोर्स (पीडीसीसी) पूरा करने वालों की समय सीमा बढ़ाए जाने से विवाद शुरू हो गया है।
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मेडिकल छात्रों का कहना है कि एक तरफ संस्थान ने डीएम-एमसीएच वालों को छोड़ दिया और दूसरी तरफ उन्हें जबरदस्ती रोक रहे हैं। इस मामले को लेकर यहां के डॉक्टरों में आक्रोश है। उन्होंने कार्यकारी रजिस्ट्रार को पत्र लिखा है।
प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों में डीएम और एमसीएच कोर्स पूरा करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीएमई) से काउंसिलिंग कराई गई।
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डीजीएमई ने सभी चिकित्सा संस्थानों से खाली पदों के बारे में ब्यौरा मांगा था, ताकि सुपर स्पेशियेलिटी कोर्स पूरा करने वालों को बॉन्ड के तहत दो साल के लिए संबंधित संस्थान में तैनात किया जा सके।
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इस दौरान एसजीपीजीआई प्रशासन ने अपने यहां खाली पदों का ब्यौरा शून्य दिखा दिया। इससे काउंसिलिंग में एसजीपीजीआई और कैंसर संस्थान को रिक्त मान लिया गया।
ऐसे में एसजीपीजीआई के डीएम व एमसीएच कोर्स पूरा करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को दूसरे संस्थान में तैनात कर दिया गया।
सूत्र बताते हैं कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी होने से संस्थान के विभिन्न विभागों का कार्य प्रभावित होने लगा है। ऐसे में कई विभागाध्यक्षों ने आपत्ति भी जताई।

यह देख एसजीपीजीआई प्रशासन ने नई रणनीति अपनाई। संस्थान के एग्जीक्यूटिव रजिस्ट्रार ने 11 नवंबर को आदेश जारी कर दिया है कि पीडीसीसी सहित विभिन्न कोर्स पूरा करने वालों का कार्यकाल बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने विभिन्न कोर्स के तहत यहां सीनियर रेजिडेंट की भूमिका निभा रहे मेडिकल छात्रों को 89 दिन का सेवा विस्तार दे दिया गया है।
वहीं, इसकी जानकारी मिलने पर ये डॉक्टर नाराज हो गए हैं। इन डॉक्टरों का कहना है कि वे निर्धारित समय के लिए ही विभिन्न संस्थानों से अवकाश लेकर आए हैं।
ऐसे में यहां अधिक दिन रुकने से उनके सामने नई समस्या खड़ी हो सकती है। फिलहाल इस मामले को लेकर संस्थान परिसर में नया विवाद खड़ा हो गया है।
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