अस्पताल में नवजात की मौत, हंगामा, तीन दिन में वसूले 90 हजार रुपये
लखनऊ के विभूतिखंड स्थित चंदन अस्पताल में बृहस्पतिवार रात इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। इस पर नाराज तीमारदारों ने हंगामा किया। पिता ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया कि बच्चे के इलाज में लापरवाही बरती गई, जिससे उसकी मौत हुई है। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। पिता की तहरीर पर पुलिस जांच कर रही है।
इंदिरानगर सेक्टर 14 निवासी मंशा पुणे की निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी रुचिका का इलाज चंदन अस्पताल से चल रहा था। 6 मई को पेट में दर्द की शिकायत होने पर महिला तीमारदार संग अस्पताल गई थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे भर्ती कर लिया। मंशा का आरोप है कि डॉक्टरों ने पहले बच्चे का मूवमेंट कम बताया।
इसके बाद 8 मई की सुबह परिवारीजनों की सहमति के बिना ही नर्स से कॉल करवाकर प्रसूता का सिजेरियन ऑपरेशन कर दिया। पति का आरोप है कि प्री मेच्योर डिलीवरी केस बताकर बच्चे को वेंटिलेटर सपोर्ट पर डाल दिया। इसकी जानकारी भी घरवालों को नहीं दी गई। मंशा का आरोप है कि बृहस्पतिवार रात डॉक्टरों ने बच्चे की हार्ट फेल होने की बात कहकर शव थमा दिया।
तीमारदारों के आरोप बेबुनियाद
नाराज तीमारदारों ने इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू किया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने उन्हें शांत कराया। मंशा का आरोप है कि तीन दिन के इलाज का अस्पताल ने करीब 90 हजार रुपये का बिल थमा दिया। रुपये वसूलने बाद ही शव ले जाने दिया गया।
इमरजेंसी में मरीज आई थी। सिजेरियन ऑपरेशन न करने से उसकी जान को भी खतरा हो सकता था। बच्चा प्री-मेच्योर था। उसकी धड़कन भी गड़बड़ थी। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। तीमारदारों के आरोप बेबुनियाद हैं।
- डॉ. अस्मिता सिंह, निदेशक, चंदन अस्पताल
मामले की कर रहे जांच
तीमारदार की ओर से केस दर्ज कराने को तहरीर मिली है। जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीएमओ के यहां भेजी जा रही है। वहां से मिलने वाली जांच रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई होगी।
- राजीव द्विवेदी, इंस्पेक्टर विभूतिखंड