ड्राइवर की मौत पर बवाल चौकी पर कब्जा, पथराव-तोड़फोड़
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राजधानी लखनऊ के आशियाना के रमाबाई मैदान में शुक्रवार शाम चुनाव ड्यूटी के लिए निजी कॉलेज की बस लेकर आए ड्राइवर रामकुमार (40) की मौत के बाद साथियों ने चार घंटे तक जमकर बवाल किया।
आक्रोशित ड्राइवरों ने सड़क जाम करके पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। खदेड़ने की कोशिश पर वह उग्र हो गए और पथराव शुरू कर दिया। किला पुलिस चौकी पर कब्जा कर लिया और फर्नीचर व अन्य सामान सड़क पर फेंक दिया। चौकी के पुलिसकर्मियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई।
उपद्रव की सूचना पाकर एसएसपी मंजिल सैनी सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पथराव में 35 से ज्यादा वाहन क्षतिग्रस्त हो गए जबकि दस लोगों को चोटें आई।
अधिकारियों ने मृतक आश्रित को एक लाख रुपये की तत्काल मदद और 10 लाख रुपये मुआवजा सहित सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
'नगर निगम टैंकर से पानी पीने के बाद शुरू हुई दिक्कत'
एसएसपी ने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए रमाबाई मैदान से ही पोलिंग पार्टियां रवाना होनी हैं जिसके लिए बड़े-छोटे वाहन एकत्र किए जा रहे हैं।
शुक्रवार दोपहर गोमतीनगर स्थित विबग्योर कॉलेज के मैनेजर चुनाव ड्यूटी के लिए 13 बसें लेकर आए थे। चालक ब्रजेंद्र ने बताया कि शाम करीब पांच बजे एक बस के ड्राइवर गोसाईंगंज के बेगरिया जहांगीरपुर निवासी रामकुमार ने वाहन खड़ा करने के बाद नगर निगम के टैंकर से पानी पिया तो उसके पेट में दर्द और सीने में जलन शुरू हो गई।
रामकुमार ने साथी ड्राइवरों से अपनी समस्या बताई। साथियों ने चुनाव अधिकारियों से रामकुमार को अस्पताल ले जाने के लिए कहा लेकिन किसी ने कार्रवाई नहीं की।
इस बीच रामकुमार की हालत लगातार बिगड़ती रही। उसे गंभीर देखकर साथी अपने साधन से लोकबंधु अस्पताल लेकर भागे लेकिन रास्ते में ही रामकुमार ने दम तोड़ दिया।