आतंकवाद को खत्म करने के लिए कश्मीर में उतरेगा संघ्ा
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अपने आनुषांगिक संगठनों के साथ मिलकर आतंकवाद के विरुद्घ अभियान छेड़ेगा। संघ ने जम्मू-कश्मीर को संवेदनशील माना है।
तय किया गया है कि वहां पर संगठन की इकाइयों को सक्रिय किया जाएगा ताकि लोगों को यह समझाया जा सके कि आतंकवाद देश के हित में नहीं है।
संगठन के जरिए ऐसे युवाओं की भी काउंसलिंग करने की योजना बनी है जो बहकावे में आकर आतंकी संगठनों के संपर्क में आ जाते हैं। प्रांत प्रचारकों का प्रशिक्षण वर्ग समाप्त होने के बाद शनिवार को संघ प्रमुख मोहन भागवत के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल पदाधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें कई अन्य मुद्दों पर भी विचार विमर्श किया गया।
बिठूर स्थित महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कालेज परिसर में चल रही बैठक में विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री चंपत राय, केंद्रीय मंत्री दिनेशजी और विनायकजी के साथ अलग बैठकें र्हुइं, जिसमें आगामी दिनों में देश के अलग-अलग प्रांतों में होने वाली विहिप की गतिविधियों संघ प्रमुख ने जानकारी ली।
घर-घर से शुरू होगा राम मंदिर आंदोलन
इसमें सबसे प्रमुख मुद्दा राम मंदिर आंदोलन का है जिसे अगले महीने से घर-घर शुरू किया जाना है। इसके अलावा बजरंग दल की तरफ से शुरू की जा रही जम्मू कश्मीर में बूढ़ा अमरनाथ यात्रा के संदर्भ में भी संघ प्रमुख ने जानकारी ली। बैठक में प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के प्रमुखों से भी संघ प्रमुख की मुलाकात हुई।
इस दौरान एफडीआई पर केंद्र सरकार के रुख को लेकर चर्चा हुई। साथ में अगले महीने भोपाल में होने वाली मजदूर संघ की काउंसिल की तैयारी जानकारी भी ली गई। बैठक में स्थानीय उद्योगपतियों से भी संघ प्रमुख की मुलाकात हुई। 17 जुलाई की सुबह संघ प्रमुख भागवत यहां से आगरा रवाना हो जाएंगे।
भाजपा के लिए सियासी जमीन तैयार करेगा संघ
आरएसएस ने यूपी फतह के लिए सेवा भारती और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) समेत 50 से अधिक संगठनों को मैदान में उतार दिया है। संघ के इस मिशन में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल समेत तमाम हिंदूवादी संगठन भी शामिल हैं। संघ ने इन संगठनों को भाजपा के लिए सियासी जमीन तैयार करने का जिम्मा सौंपा है।