फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   RSS openion of triple talaak.

तीन तलाक पर संघ की राय, जेंडर के आधार पर खत्म हो भेदभाव

Sat, 29 Oct 2016 01:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 29 Oct 2016 01:33 AM IST
विज्ञापन
 RSS openion of triple talaak.
demo pic

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का तीन तलाक पर कहना है कि किसी के साथ भी जेंडर के नाम पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। वहीं, संघ ने धर्मशास्त्रों में लिखी ऐसे बातों का पूरी शक्ति से विरोध करने का फैसला किया है जो समय के साथ अप्रासंगिक हो गई हैं। साथ ही, वह मंदिर, पानी व श्मसान के उपयोग में भेदभाव के खिलाफ भी मुहिम छेड़ेगा। संघ का यह रुख बड़े बदलाव का संकेत है।

विज्ञापन


संघ के प्रांत संघ चालक प्रभु नारायण व सह प्रांत कार्यवाह नरेंद्र शुक्रवार को विश्व संवाद केंद्र में भाग्यनगर, तेलगांना में कार्यकारी मंडल में लिए गए निर्णयों की जानकारी दे रहे थे।
विज्ञापन


प्रभु नारायण ने कहा कि संघ का मानना है कि धर्म के आधार पर विभेद समाप्त होना चाहिए, लेकिन धर्मशास्त्रों में कुछ ऐसी चीजें लिखी हुई हैं जो समय के साथ अप्रासंगिक हो गई हैं। पर, धर्म का जामा पहनाकर अभी भी उनका सहारा लिया जा रहा है। छुआछूत भी इसी तरह का है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि संघ धर्मशास्त्रों में लिखीं इन बातों को अस्वीकार करने के लिए लोगों को तैयार करेगा। संघ मानता है कि सामाजिक समरसता की शुरुआत घर से होनी चाहिए। स्वयंसेवकों से कहा जा रहा है कि उन लोगों से मेलजोल बढ़ाएं जो दैनिक जीवन में शामिल हैं। मसलन, कपड़ा धोने वाले, घर में काम करने वाले, दूध देने वाले आदि।

राजनीति व चुनाव से बनाए रखी दूरी, नहीं दिया बयान

 RSS openion of triple talaak.
demo pic

स्वयंसेवकों से कहा जा रहा है कि वे उनके यहां आएं-जाएं, सुख-दु:ख में शरीक हों और अपने यहां आमंत्रित भी करें। इस मौके पर संघ पदाधिकारियों ने सूबे की राजनीति व चुनाव पर कोई टिप्पणी नहीं की। इस दौरान सह प्रांत प्रचार प्रमुख दिवाकर भी उपस्थित रहे।

‘पानी, पूजा और श्मसान’ में भेदभाव पर मुहिम छेड़ेंगे
संघ ने ‘पानी पूजा और श्मशान’ में किसी तरह के भेदभाव के खिलाफ बड़ी मुहिम चलाने का फैसला किया है। नरेंद्र ने बताया कि अवध प्रांत में हम इन भेदभावों को लेकर सर्वे कराने जा रहे हैं। इसके बाद लोगों को जागरूक किया जाएगा।

माना जा रहा है कि संघ ने दलितों में पैठ बढ़ाने के लिए यह रणनीति बनाई है, क्योंकि इसका सबसे ज्यादा शिकार वे ही होते आए हैं।

संघ के अवध प्रांत संघ चालक प्रभु नारायण ने बताया कि संघ की दृष्टि से मध्य भारत के प्रांतों के 9000 गांवों में किए गए सर्वे में पता चला कि 40 प्रतिशत गांवों में मंदिर, 30 प्रतिशत में पानी व 35 प्रतिशत गांवों में श्मशान को लेकर भेदभाव होता है।

राम मंदिर निर्माण : संघ ने आंदोलन नहीं चलाया, समर्थन दिया

 RSS openion of triple talaak.
demo pic

प्रभु नारायण ने बताया कि संघ ने राम मंदिर को लेकर पहले भी कोई आंदोलन नहीं चलाया है। संतों ने, मार्गदर्शक मंडल ने और जनता ने इसके लिए समय-समय पर आंदोलन चलाया, संघ ने समर्थन किया। ये आगे कोई आंदोलन चलाएंगे तो संघ पूरा सहयोग करेगा।

तीन तलाक : जेंडर के नाम पर भेदभाव उचित नहीं
प्रभु नारायण ने बताया कि केंद्रीय कार्यकारी मंडल में इस विषय पर चर्चा हुई है। संघ का स्पष्ट मत है कि जेंडर के नाम पर किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। मुस्लिम बहनों के साथ भी न्याय होना चाहिए।

दलितों से भेदभाव रोकना होगा
प्रभु नारायण ने कहा कि यह सच्चाई है कि समाज में अभी तक विषमता, भेद व संकुचित स्वार्थ की प्रवृत्तियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। कुछ कट्टरपंथी, अतिवादी, विभेदकारी व स्वार्थी शक्तियां इसका लाभ लेकर समाज में द्वेष निर्माण की कोशिश कर रही हैं। इसे रोकना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed