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महात्मा गांधी पूज्यनीय, संघ ने नहीं की उनकी हत्या: आरएसएस

Sat, 11 Jun 2016 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 11 Jun 2016 11:59 PM IST
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RSS camp in Lucknow.
प्रचार प्रमुख सुरेश चंद्र व कार्यक्रम में संघ कार्यकर्ता - फोटो : amar ujala

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख सुरेश चंद्र ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पूज्यनीय गांधी जी कहते हुए दावा किया कि उनकी हत्या में आरएसएस की कोई भूमिका कभी नहीं थी। इस वजह से संघ पर 1948 में प्रतिबंध लगाया गया था। मगर अदालत तक में कभी भी ये आरोप साबित नहीं हो सका और ये प्रतिबंध बिना शर्त हटाया गया था।

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सुरेश चंद्र ने ये बात शनिवार की शाम निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज के प्रांगण में विशेष प्रशिक्षण वर्ग के समापन से पूर्व विशेष प्रदर्शन के समारोह में बतौर मुख्य वक्ता कही।
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वहीं, उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर जब जब जरूरत पड़ेगी, आरएसएस हमेशा साथ खड़ा मिलेगा। राष्ट्रहित और हिंदू हित के लिए संघर्ष में संघ ने सदा साथ दिया है और ये आगे भी जारी रहेगा।
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देश को खंडित करने और हिंदू समाज को कमजोर करने के लिए कांग्रेस सरकार ने सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक लाने और भगवा आतंकवाद के नाम पर संघ को बदनाम करने की कोशिश की थी। जिसका परिणाम है कि, तथाकथित सेक्यूलर अब किसी कोने में पड़े हुए हैं।

समरसता के आंदोलन को गांव-गांव पहुंचाएगा संघ

RSS camp in Lucknow.

उन्होंने कहा, संघ देश में जातिवाद को समाप्त करने के लिए समरसता के आंदोलन को अब गांव गांव में पहुंचाएगा। धार्मिक स्थलों, जल संसाधानों, श्मशानों ऐसे ही प्राकृतिक संसाधनों में प्रत्येक भेदभाव के खिलाफ स्वयंसेवक देश के गांव गांव में अलख जगाएंगे।

इस प्रशिक्षण वर्ग में 485 स्वयं सेवकों ने 20 दिन तक भाग लिया। जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग से जुड़े बच्चे, युवा और 65 वर्ष तक की उम्र के बुजुर्ग शामिल रहे। इन स्वयंसेवकों ने इस मौके दंड कला, युद्ध कला, खेल प्रदर्शन, योग, बैंडवादन की आकर्षक प्रस्तुतियों से यहां मौजूद लोगों को अविभूत किया।

स्वयंसेवकों का प्रचार प्रमुख सुरेश चंद्र ने आह्वान करते हुए कहा वे अपने अपने गांव और उसके पास के एक अन्य गांव में जाकर 15 से 20 नये प्रचारकों की टोली बना कर उनको संघ की विचारधारा से अवगत कराएं। सामाजिक समरसता, गौरक्षा, ग्राम्य विकास और कुटुंब प्रबोधन संबंधित जानकारियां दें।

इस मौके पर संघ से क्षेत्र प्रचारक शिवनारायण, क्षेत्र प्रचारक प्रमुख अशोक उपाध्याय, क्षेत्र प्रचार प्रमुख राजेंद्र सक्सेना, विश्वनाथ निगम, सूर्यप्रकाश यादव, देवेंद्र अस्थाना, कृष्णानंद, रामाशीष, रामलखन सिंह, प्रशांत भाटिया, रामनरेश, गजेंद्र सिंह, मधुराम मौजूद रहे।

जहां हिंदू विचारधारा कम वहां अलगाववाद

RSS camp in Lucknow.

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जेएनयू में भारत विरोधी नारे हिंदू विरोधी विचारधार के कमजोर होने का प्रमाण है। जहां जहां भी हिंदू विचारधारा कमजोर होगी वहां इस तरह से अलगाववाद को हवा मिलेगी।

राम मंदिर आंदोलन में शिलापूजन से भागीदार
शिलापूजन से लेकर राम ज्योति और मंदिर निर्माण के प्रत्येक आंदोलन में संघ की भूमिका का उन्होंने उल्लेख किया और कहा कि, आगे भी आरएसएस राम मंदिर आंदोलन में अपना सहयोग देता रहेगा। इसके साथ ही धर्मांतरण का विरोध और राष्ट्रविरोधी शक्तियों का विरोध भी जारी रहेगा।

कांग्रेस पर तीखा हमला
उन्होंने अपने संबोधन में दो बार कांग्रेस पर जबरदस्त हमला किया। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की अस्मिता से खेलने के लिए सबसे पहले पिछली यूपीए सरकार ने राम सेतु को तोड़ने की कोशिश की थी। वह संघ के प्रयासों से नहीं हो सका था।

इसके बाद में इसी सरकार सांप्रदायिक हिंसा विरोधी अधिनियम को लागू करने की कोशिश की थी, जिसके लागू होने पर देश के हिंदू अपने ही राष्ट्र में गुलाम हो जाते।

स्वतंत्रता आंदोलन में साथ संघ

RSS camp in Lucknow.

सुरेश चंद्र ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में आरएसएस पूरी तरह से साथ था। संघ के संस्थापक केशवराव बलिराम हेडगेवार 21 जुलाई 1930 को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने पर नौ माह के लिए जेल गये थे।

इसके बाद में सवनिय अवज्ञा आंदोलन के दौरान 125 स्वयंसेवकों के साथ वे जेल गये थे। राष्ट्रीय स्वतंत्रता को लेकर संघ हमेशा से वचनबद्ध रहा।

जम्मू कश्मीर विलय के लिए गुरु जी से मिले थे सरदार पटेल
सुरेश चंद्र ने दावा किया कि जब जम्मू कश्मीर के भारत में विलय के समय संकट आया था। तब कश्मीर के राजा हरि सिंह से बात करने के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल ने तत्कालीन सरसंघ चालक गुरु जी से अनुरोध किया था। जिसके बाद में गुरुजी राजा हरि सिंह से मिले भी थे। जिसके बाद में हरि सिंह ने विलय स्वीकार किया था।

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