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Lucknow News: आवास विकास के अफसर बता 3.56 करोड़ रुपये ठगे
Thu, 02 Jul 2026 02:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 02 Jul 2026 02:45 AM IST
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लखनऊ। जालसाजों ने खुद को आवास विकास परिषद के अधिकारी बताकर 12 लोगों से ठगी की है। उन्होंने वृंदावन योजना में कम दर पर मकान आवंटित कराने का झांसा दिया। आरोपियों ने पीड़ितों से करीब 3.56 करोड़ रुपये ठग लिए और जाली आवंटन पत्र भी सौंपे। रजिस्ट्री में टालमटोल होने पर पीड़ितों ने जांच कराई, जिससे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद आशियाना थाने में नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की एफआईआर दर्ज की गई है।
शारदानगर के रुचिखंड-1 निवासी भुवनेश अग्रवाल की सितंबर 2022 में अफजल और शानू अली ने राजेंद्र प्रसाद से मुलाकात कराई। राजेंद्र ने खुद को आवास विकास परिषद मुख्यालय का कार्यालय अधीक्षक बताया। उसने वर्ष 2008 की दरों पर निरस्त मकानों का दोबारा आवंटन कराने का भरोसा दिया। भुवनेश की पत्नी पुष्पलता मई 2022 में गांधी स्मारक चिकित्सालय से सहायक अधीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। दंपती ने मकान लेने की सहमति दी और कथित अधिकारियों लक्ष्मण प्रसाद व यशवंत सिंह से मिले। इन लोगों ने प्रक्रिया गोपनीय बताकर नकद और बैंक खातों में रकम जमा कराई। पुष्पलता, बेटे ध्रुव और बेटी दीपशिखा के नाम पर फार्म भरवाकर 15 लाख रुपये लिए गए।
भुवनेश ने अपने मित्रों और रिश्तेदारों की भी आरोपियों से मुलाकात कराई। आरोपियों ने सभी से आवास विकास परिषद के फार्म भरवाए, कथित आवंटन पत्र दिए। रजिस्ट्री में देरी होने पर पीड़ितों ने आवास विकास परिषद से जानकारी ली। उन्हें पता चला कि जालसाज फर्जी अधिकारी बनकर ठगी कर रहे थे। पीड़ितों ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। पुलिस आयुक्त के आदेश पर आशियाना थाने में अफजल, शानू, राजेंद्र प्रसाद, रुकमणी राय उर्फ रिंकी, कृपाशंकर, यशवंत सिंह, रमेश, लक्ष्मण और देश दीपक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसीपी कैंट सुजीत कुमार दुबे ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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इनसे इतने ठगे
आरोप है कि जालसाजों ने दीपक कुमार से 87.91 लाख, मोहन अग्रवाल से 62.40 लाख, पुष्पलता अग्रवाल से 51.32 लाख, संजय दीक्षित से 31 लाख, पुनीत अग्रवाल से 27.44 लाख, रणवीर प्रसाद दुबे से 27 लाख, शक्ति सिंह से 25.65 लाख, सुजाता देवी से 17.91 लाख, रश्मि माथुर से 12.79 लाख, ध्रुव अग्रवाल से आठ लाख, भुवनेश अग्रवाल से 5.45 लाख, दीपशिखा अग्रवाल से 1.03 लाख रुपये ठगे।
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शारदानगर के रुचिखंड-1 निवासी भुवनेश अग्रवाल की सितंबर 2022 में अफजल और शानू अली ने राजेंद्र प्रसाद से मुलाकात कराई। राजेंद्र ने खुद को आवास विकास परिषद मुख्यालय का कार्यालय अधीक्षक बताया। उसने वर्ष 2008 की दरों पर निरस्त मकानों का दोबारा आवंटन कराने का भरोसा दिया। भुवनेश की पत्नी पुष्पलता मई 2022 में गांधी स्मारक चिकित्सालय से सहायक अधीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। दंपती ने मकान लेने की सहमति दी और कथित अधिकारियों लक्ष्मण प्रसाद व यशवंत सिंह से मिले। इन लोगों ने प्रक्रिया गोपनीय बताकर नकद और बैंक खातों में रकम जमा कराई। पुष्पलता, बेटे ध्रुव और बेटी दीपशिखा के नाम पर फार्म भरवाकर 15 लाख रुपये लिए गए।
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भुवनेश ने अपने मित्रों और रिश्तेदारों की भी आरोपियों से मुलाकात कराई। आरोपियों ने सभी से आवास विकास परिषद के फार्म भरवाए, कथित आवंटन पत्र दिए। रजिस्ट्री में देरी होने पर पीड़ितों ने आवास विकास परिषद से जानकारी ली। उन्हें पता चला कि जालसाज फर्जी अधिकारी बनकर ठगी कर रहे थे। पीड़ितों ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। पुलिस आयुक्त के आदेश पर आशियाना थाने में अफजल, शानू, राजेंद्र प्रसाद, रुकमणी राय उर्फ रिंकी, कृपाशंकर, यशवंत सिंह, रमेश, लक्ष्मण और देश दीपक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसीपी कैंट सुजीत कुमार दुबे ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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इनसे इतने ठगे
आरोप है कि जालसाजों ने दीपक कुमार से 87.91 लाख, मोहन अग्रवाल से 62.40 लाख, पुष्पलता अग्रवाल से 51.32 लाख, संजय दीक्षित से 31 लाख, पुनीत अग्रवाल से 27.44 लाख, रणवीर प्रसाद दुबे से 27 लाख, शक्ति सिंह से 25.65 लाख, सुजाता देवी से 17.91 लाख, रश्मि माथुर से 12.79 लाख, ध्रुव अग्रवाल से आठ लाख, भुवनेश अग्रवाल से 5.45 लाख, दीपशिखा अग्रवाल से 1.03 लाख रुपये ठगे।