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यूपी में अपने प्रत्याशी उतारेंगे आठवले: बोले- भाजपा से समझौता न हुआ तो कुछ सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी पार्टी
Tue, 11 Jan 2022 10:04 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 11 Jan 2022 10:04 PM IST
सार
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि पार्टी का रजिस्ट्रेशन बचाने के लिए विधानसभा चुनाव लड़ना जरूरी है। उन्होंने भाजपा से 10 सीटें मांगी है।
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रिपब्लिकन पार्टी की प्रेस वार्ता में बोलते रामदास आठवले।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा है कि उन्होंने यूपी चुनाव में भाजपा से 10 सीटें मांगी हैं। अगर भाजपा ने गठबंधन के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया तो उनकी पार्टी कुछ सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। उनके जीतने वाले विधायक भाजपा का ही समर्थन करेंगे। वे मंगलवार को राजधानी स्थित एक होटल में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पार्टी का रजिस्ट्रेशन बचाने के लिए विधानसभा चुनाव लड़ना जरूरी है। आरपीआई के यूपी में चुनाव लड़ने से भाजपा को कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन गठबंधन होने से भाजपा को ज्यादा फायदा होगा। दलित वोट गठबंधन को मिलेगा। इसलिए भाजपा को कम से कम 6-7 सीटें उन्हें देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि आरपीआई से चुनाव लड़ने के लिए अब तक 50 आवेदन आए हैं।
कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा में जाने पर उन्होंने कहा कि मौर्य का पार्टी बदलने का इतिहास रहा है। इससे भाजपा को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव वाले सभी राज्यों में भाजपा उन्हें जहां भी प्रचार के लिए बुलाएगी, वे जाएंगे।
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लखनऊ में होगी बड़ी रैली
आठवले ने कहा कि आरपीआई 27 जनवरी को लखनऊ में बड़ी रैली करेगी। इसमें 50 हजार से लेकर 1 लाख लोग शामिल होंगे।
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उन्होंने कहा कि पार्टी का रजिस्ट्रेशन बचाने के लिए विधानसभा चुनाव लड़ना जरूरी है। आरपीआई के यूपी में चुनाव लड़ने से भाजपा को कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन गठबंधन होने से भाजपा को ज्यादा फायदा होगा। दलित वोट गठबंधन को मिलेगा। इसलिए भाजपा को कम से कम 6-7 सीटें उन्हें देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि आरपीआई से चुनाव लड़ने के लिए अब तक 50 आवेदन आए हैं।
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कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा में जाने पर उन्होंने कहा कि मौर्य का पार्टी बदलने का इतिहास रहा है। इससे भाजपा को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव वाले सभी राज्यों में भाजपा उन्हें जहां भी प्रचार के लिए बुलाएगी, वे जाएंगे।
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लखनऊ में होगी बड़ी रैली
आठवले ने कहा कि आरपीआई 27 जनवरी को लखनऊ में बड़ी रैली करेगी। इसमें 50 हजार से लेकर 1 लाख लोग शामिल होंगे।