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गोंडा: स्कूल की छत ढह जाने से बच्चों के सिर पर गिरी ईंटें, 11 घायल, छह की हालत गंभीर
Thu, 08 Aug 2019 10:01 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोंडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोंडा
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 08 Aug 2019 10:01 PM IST
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हादसे में घायल हुए बच्चे।
- फोटो : amar ujala
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बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी स्कूल दरियापुर की छत ढहने से 11 मासूम बच्चे घायल हो गए। स्कूल में स्कूल के एक कमरे की छत अचानक ढहने से कमरे में पढ़ रहे बच्चे घायल हो गए। किसी तरह बच्चों को बाहर निकाला गया और 11 घायल बच्चों को छपिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया।
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सीएचसी में इलाज के दौरान पांच बच्चों की हालत गंभीर हो गई। जिन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। हादसे के मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने से आला अफसरों में खलबली मच गई। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और घटना के साथ ही मौजूदा स्थिति की जानकारी ली।
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छपिया शिक्षा क्षेत्र के दरियापुर के प्राइमरी स्कूल में सुबह रोज की तरह स्कूल खुला और पढ़ाई हो रही थी। पढ़ाई के दौरान की एक कमरें की छत ढह गई और उस कमरे में मौजूद 11 बच्चे छत के नीचे दब गए। जिसमें आंगनबाडी केंद्र के चार बच्चे भी शामिल थे।
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घायलों में दीपक (5), नौतिक (5), दिव्या (6), दीपक (6), बिट्टू (6), अनिकेत (9), जीतेन्द्र (5), विशाल (5), चित्रांजल (5), अंशिका (6) एवं प्रिया (6) घायल हो गए। बच्चे कक्षा एक व दो में पढ़ रहे हैं और इसमें पांच बच्चों की हालत गंभीर होने से जिला अस्पताल भेजा गया है।
जिला अस्पताल में दिव्या, दीपक, बिट्टू, नौतिक व अनकेत को भर्ती कराया गया है। इसमें बच्चों के सिर व हाथों में गंभीर चोटें आईं है। छत के ईंट एक साथ गिरे और बच्चों को निकलने का अवसर नही मिला, जिससे कमरे में बैठे अधिकतर बच्चे घायल हो गए।
घटना की जानकारी मिलने पर स्कूल में चीख पुकार होने लगी। पास के गांव के लोग भी पहुंचे और बच्चों को कमरे से बाहर निकालने में शिक्षकों की मदद की। सभी घायल बच्चों स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर लाए, जहां छह को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए बच्चों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है। स्कूल में छत ढहने की घटना से गांव के लोगों में भी आक्रोश फैल गया। मौके पर पहुंचे प्रधान को लोगों ने खरी-खोटी सुनाई। मौके पर अधिकारियों के पहुंचने पर खुलकर बात लोगों ने रखी।
घटना की जानकारी मिलने पर स्कूल में चीख पुकार होने लगी। पास के गांव के लोग भी पहुंचे और बच्चों को कमरे से बाहर निकालने में शिक्षकों की मदद की। सभी घायल बच्चों स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर लाए, जहां छह को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए बच्चों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है। स्कूल में छत ढहने की घटना से गांव के लोगों में भी आक्रोश फैल गया। मौके पर पहुंचे प्रधान को लोगों ने खरी-खोटी सुनाई। मौके पर अधिकारियों के पहुंचने पर खुलकर बात लोगों ने रखी।
चीख-पुकार से गूंजा स्कूल का आंगन
प्राइमरी स्कूल दरियापुर में सुबह की स्थिति चार घंटे बाद ही बदल गई। हाल यह रहा है कि एमडीएम के बाद जैसे ही बच्चे कमरे में पहुंचे और बैठे ही थे कि छत ढह गई। स्कूल का आंगन चीख और पुकार से गूंज उठा। मासूम बच्चों के सिर और हाथ में चोटें आईं। बच्चों के बहते खून को देखकर आम बच्चे सहम उठे। कई बच्चे तो स्कूल से भाग गए और गांव में लोगों को बताया। अपने बच्चे का हाल जानने अभिभावक भी स्कूल पहुंचे। बच्चों को घायल देखकर अभिभावक भी फफककर रो पड़े। सीएचसी हो या फिर जिला अस्पताल हो बच्चों का हाल देखकर सभी की आंखों से आंसूृ बह रहे थे।
ऑपरेशन कायाकल्प में जर्जर छत की नहीं कराई मरम्मत
पंचायत ने प्रशासन के आदेश पर ऑपरेशन कायाकल्प से स्कूल में कार्य तो लिया लेकिन जर्जर छत को तोड़वाकर मरम्मत नहीं कराई। उसी छत पर लिंटर ढलवा दिया। जिससे दिक्कत यह हुई कि नीचे 29 साल पुरानी छत के ईंट सरिया से कट गए थे। गुरुवार को ईंट भरभराकर गिर गए और बच्चे हादसे की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि पंचायत ने ऑपरेशन कायाकल्प से कार्य कराने में लापरवाही बरती। जिसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ा।
ऑपरेशन कायाकल्प में जर्जर छत की नहीं कराई मरम्मत
पंचायत ने प्रशासन के आदेश पर ऑपरेशन कायाकल्प से स्कूल में कार्य तो लिया लेकिन जर्जर छत को तोड़वाकर मरम्मत नहीं कराई। उसी छत पर लिंटर ढलवा दिया। जिससे दिक्कत यह हुई कि नीचे 29 साल पुरानी छत के ईंट सरिया से कट गए थे। गुरुवार को ईंट भरभराकर गिर गए और बच्चे हादसे की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि पंचायत ने ऑपरेशन कायाकल्प से कार्य कराने में लापरवाही बरती। जिसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ा।
जिलाधिकारी ने शुरू कराई जांच, तय होगी लापरवाहों की जिम्मेदारी
जिलाधिकारी डॉ. नितिन बसंल व पुलिस अधीक्षक आरके नैय्यर ने स्कूल का निरीक्षण किया। गांव के लोगों से बात की, स्कूल के शिक्षकों और पंचायत स्तर के अधिकारियों से जानकारी हासिल की। जिलाधिकारी ने बताया कि हादसे की जांच कराई जा रही है। स्कूल वर्ष 1990 में बना था, 29 साल पुराना होने से जर्जर था। ऑपरेशन कायाकल्प से पंचायत ने कार्य कराया था। जिला पंचायत राज अधिकारी से रिपोर्ट ली जा रही है। बजट के खर्च में लापरवाही मिली तो प्रधान हों चाहे पंचायत अधिकारी कड़ी कार्रवाई होगी।
डीएम को दी जाएगी रिपोर्ट
स्कूल की छत ढहने से घायल हुए बच्चों का इलाज कराया जा रहा है। पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जिलाधिकारी को रिपोर्ट दी जाएगी, उनके स्तर से जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
-मनिराम सिंह, बीएसए
डीएम को दी जाएगी रिपोर्ट
स्कूल की छत ढहने से घायल हुए बच्चों का इलाज कराया जा रहा है। पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जिलाधिकारी को रिपोर्ट दी जाएगी, उनके स्तर से जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
-मनिराम सिंह, बीएसए