रोहतास बिल्डर के सीएमडी व एमडी भगोड़ा घोषित, कुर्क होगी संपत्ति
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रोहतास बिल्डर्स के मालिकों को पुलिस ने भगोड़ा घोषित करते हुए संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की है। रविवार को राजधानी पहुंची गोरखपुर के शाहपुर थाने की पुलिस ने बिल्डर के हजरतगंज स्थित आवास पर इसका नोटिस चस्पा किया। इस दौरान हजरतगंज पुलिस भी मौजूद रही। बिल्डर के खिलाफ राजधानी से लेकर प्रदेश के कई थानों में प्लॉट व फ्लैट देने के नाम पर करोड़ों रुपये ठगने के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने एक साल पहले इस मामले में कंपनी के एक अधिकारी को जेल भी भेजा था।
रोहतास बिल्डर के मालिक परेश रस्तोगी, पंकज रस्तोगी और पीयूष रस्तोगी हजरतगंज स्थित मदन मोहन मालवीय मार्ग पर रहते हैं। कंपनी में परेश रस्तोगी सीएमडी और पंकज व पीयूष एमडी हैं। हजरतगंज के सिकंदरबाग चौराहे के पास कृषि भवन के करीब कंपनी का कार्यालय खुला था, जो एक साल से बंद है। कंपनी ने गोमतीनगर के विभूतिखंड, गोमतीनगर विस्तार, सुंशात गोल्फ सिटी और सुल्तानपुर रोड पर कई योजनाएं लॉन्च कीं। इसमें प्लॉट से लेकर फ्लैट तक शामिल हैं। आकर्षक योजनाओं की लालच में हजारों लोगों ने यहां निवेश किया, लेकिन कंपनी ने रकम लेने के पांच से सात साल बाद भी प्लॉट और फ्लैट नहीं दिए।
चिकित्सक ने दर्ज कराया था मुकदमा
प्रभारी निरीक्षक शाहपुर संतोष कुमार सिंह के मुताबिक क्षेत्र में रहने वाले डॉ. अवनीश राणा ने डेढ़ साल पहले रोहतास बिल्डर पर जालसाजी व अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों की तलाश में कई जगह दबिश दी, लेकिन इनका सुराग नहीं लगा। इसके बाद कोर्ट में संपत्ति कुर्क करने की याचिका दायर की। कोर्ट के आदेश पर रविवार को दरोगा आरिफ अली शेर अपनी टीम के साथ हजरतगंज के 14/1 मदन मोहन मालवीय मार्ग स्थित परेश, पंकज व पीयूष रस्तोगी के आवास पर पहुंचे। यहां डुगडुगी बजवाकर तीनों को भगोड़ा घोषित करते हुए संपत्ति कुर्क करने का नोटिस आवास पर चस्पा किया।
हजरतगंज थाने में ही 100 से ज्यादा मुकदमे
परेश, पंकज व पीयूष रस्तोगी के खिलाफ सिर्फ हजरतगंज थाने में 100 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा गोमतीनगर, विभूतिखंड, सुशांत गोल्फ सिटी व गोसाईंगंज में भी केस दर्ज हैं। वर्ष 2019 में कंपनी के एक अधिकारी को हजरतगंज पुलिस ने ‘आपरेशन 420’ के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद कंपनी का कोई अन्य अधिकारी पुलिस के हाथ नहीं लगा। रोहतास की आकर्षक योजनाओं में कई रसूखदारों ने करोड़ों रुपये का निवेश किया है। इसमें कई आईएएस, आईपीएस, सियासी दलों के बड़े नेता और न्यायिक अधिकारी शामिल हैं। सभी ने रोहतास के मालिकों पर मुकदमा दर्ज कराया है।