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लखनऊ: रोबोट से आसान होगी सर्जरी की राह
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केजीएमयू में गॉलब्लेडर, हार्निया, आंत समेत कई जटिल सर्जरी अब रोबोट के माध्यम से हो सकेंगी। जनरल सर्जरी विभाग में इसके लिए कम कीमत वाला रोबोट खरीदने की तैयारी है। विभाग के 111वें स्थापना दिवस के तहत सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता मेें विभागाध्यक्ष प्रो. अभिनव अरुण सोनकर ने यह जानकारी दी। स्थापना दिवस 14 फरवरी को मनाया जाएगा।
प्रो. सोनकर ने बताया कि सामान्य तौर पर एक रोबोट की कीमत 25 से 30 करोड़ रुपये होती है। कई कंपनियां इसका इकोनॉमिकल मॉडल बनाती हैं। ये रोबोट पांच करोड़ में मिल जाते हैं। विभाग ऐसे रोबोट खरीदने पर विचार कर रहा है। इससे ऑपरेशन का खर्च कम हो जाएगा तथा मरीजों को इलाज की आधुनिक सुविधा भी मिल सकेगी। आयुष्मान समेत विभिन्न योजनाओं से मरीज का निशुल्क इलाज भी हो सकेगा।
डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि जनरल सर्जरी विभाग में 22 डॉक्टर तथा 250 से अधिक बेड हैं। इसके साथ ही 70 जूनियर व सीनियर रेजिडेंट हैं। इनके माध्यम से साल भर में 10 हजार के करीब ऑपरेशन होते हैं। सबसे ज्यादा गॉलब्लेडर में पथरी, हार्निया और तिल्ली से जुड़ी बीमारियों के ऑपरेशन हो रहे हैं। काफी हद तक लैप्रोस्कोप से ऑपरेशन हो रहे हैं, जिससे मरीज कम दिन अस्पताल में रहता है और दर्द भी कम होता है। डॉ. अजय कुमार पाल ने बताया कि विभाग में लैप्रोस्कोपिक, थोरैकोस्कोपिक और एंडोरोलॉजिकल सर्जरी तेजी से बढ़ रही हैं। दूसरे राज्यों से बहुत मरीज आ रहे हैं।
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चार दिन सर्जिकल एजूकेशन प्रोग्राम
प्रो. सोनकर ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह के तहत सर्जरी विभाग में 14 से 17 फरवरी तक सर्जिकल एजूकेशन प्रोग्राम होगा। स्थापना दिवस अटल बिहारी बाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में मनाया जाएगा। इसका उद्घाटन डॉ. प्रबल नियोगी करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा संकाय के डीन डॉ. एके त्रिपाठी करेंगे। डॉ. कुशाग्र गौरव भटनागर ने बताया कि कार्यशाला में भारत के विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। इसमें पीजीआई के डॉ. गौरव अग्रवाल, डॉ. बसंत कुमार और डॉ. आशीष सिंह के साथ चंडीगढ़ पीजीआई के डॉ. टीडी यादव और प्रो. लिलेश्वर कामन शामिल होंगे।
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प्रो. सोनकर ने बताया कि सामान्य तौर पर एक रोबोट की कीमत 25 से 30 करोड़ रुपये होती है। कई कंपनियां इसका इकोनॉमिकल मॉडल बनाती हैं। ये रोबोट पांच करोड़ में मिल जाते हैं। विभाग ऐसे रोबोट खरीदने पर विचार कर रहा है। इससे ऑपरेशन का खर्च कम हो जाएगा तथा मरीजों को इलाज की आधुनिक सुविधा भी मिल सकेगी। आयुष्मान समेत विभिन्न योजनाओं से मरीज का निशुल्क इलाज भी हो सकेगा।
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डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि जनरल सर्जरी विभाग में 22 डॉक्टर तथा 250 से अधिक बेड हैं। इसके साथ ही 70 जूनियर व सीनियर रेजिडेंट हैं। इनके माध्यम से साल भर में 10 हजार के करीब ऑपरेशन होते हैं। सबसे ज्यादा गॉलब्लेडर में पथरी, हार्निया और तिल्ली से जुड़ी बीमारियों के ऑपरेशन हो रहे हैं। काफी हद तक लैप्रोस्कोप से ऑपरेशन हो रहे हैं, जिससे मरीज कम दिन अस्पताल में रहता है और दर्द भी कम होता है। डॉ. अजय कुमार पाल ने बताया कि विभाग में लैप्रोस्कोपिक, थोरैकोस्कोपिक और एंडोरोलॉजिकल सर्जरी तेजी से बढ़ रही हैं। दूसरे राज्यों से बहुत मरीज आ रहे हैं।
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चार दिन सर्जिकल एजूकेशन प्रोग्राम
प्रो. सोनकर ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह के तहत सर्जरी विभाग में 14 से 17 फरवरी तक सर्जिकल एजूकेशन प्रोग्राम होगा। स्थापना दिवस अटल बिहारी बाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में मनाया जाएगा। इसका उद्घाटन डॉ. प्रबल नियोगी करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा संकाय के डीन डॉ. एके त्रिपाठी करेंगे। डॉ. कुशाग्र गौरव भटनागर ने बताया कि कार्यशाला में भारत के विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। इसमें पीजीआई के डॉ. गौरव अग्रवाल, डॉ. बसंत कुमार और डॉ. आशीष सिंह के साथ चंडीगढ़ पीजीआई के डॉ. टीडी यादव और प्रो. लिलेश्वर कामन शामिल होंगे।