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Lucknow News: केजीएमयू में कम हो सकती है रोबोटिक सर्जरी की फीस
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लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में रोबोटिक सर्जरी की फीस और कम हो सकती है। संस्थान में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) माॅडल पर रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हुई है। पहली दो साै सर्जरी निशुल्क होने के बाद पिछले सप्ताह से शुल्क के साथ सर्जरी की शुरुआत हुई है।
केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि केजीएमयू में इस साल दो रोबोट के माध्यम से रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हुई है। पहला रोबोट जनरल सर्जरी और दूसरा संस्थान के अधीन है और विभिन्न विभागों में इसका साझा इस्तेमाल हो रहा है। अन्य सरकारी संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी की न्यूनतम फीस एक लाख रुपये के करीब है। वहीं, केजीएमयू में इसकी शुरुआत 58 हजार रुपये से ही हो रही है। इस राशि को और कम करने के लिए कोष के विकल्प तलाशे जा रहे हैं। इसके बाद सर्जरी की फीस और कम हो जाएगी।
यह है फीस-
उपयोग किए जाने वाले पोर्ट- कंपनी को दिया जाने वाला शुल्क- संचालन की फीस- कुल
दो पोर्ट- 53,100- 5,000- 58,100
तीन पोर्ट- 69,620- 10,000- 79,620
चार पोर्ट- 93,810- 15,000- 1,08,810
रोबोट नहीं, रोबोट के माध्यम से डाॅक्टर करते हैं सर्जरी
रोबोटिक सर्जरी में डाॅक्टर रोबोट के माध्यम से सर्जरी होती है। इसमें रोबोट का एक भाग मरीज और एक भाग डॉक्टर के पास रहता है। डाॅक्टर वाला भाग जिसे कंसोल कहते हैं, के माध्यम से रोबोट को चलाया जाता है। इसी वजह से इसे राबोटिक सर्जरी कहा जाता है।
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रोबोटिक सर्जरी के हैं बड़े फायदे
रोबोटिक सर्जरी सामान्य के मुकाबले कुछ महंगी है, लेकिन जटिल सर्जरी के मामले में यह बेहद उपयोगी है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता स्पष्टता है। रोबोट के माध्यम से होने वाली सर्जरी में मरीज के भीतरी अंगों की थ्रीडी इमेज बनती है। इससे डॉक्टर को भीतरी अंग स्पष्ट दिखाई देते हैं। इसके माध्यम से लगाया जाने वाला चीरा बेहद सटीक होता है। इससे चीरा बड़ा नहीं हो पाता है और मरीज जल्द स्वस्थ होता है। चीरा छोटा होने की वजह से खून भी कम बहता है। इस वजह से मरीज को अस्पताल से जल्द छुट्टी मिल जाती है।
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केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि केजीएमयू में इस साल दो रोबोट के माध्यम से रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हुई है। पहला रोबोट जनरल सर्जरी और दूसरा संस्थान के अधीन है और विभिन्न विभागों में इसका साझा इस्तेमाल हो रहा है। अन्य सरकारी संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी की न्यूनतम फीस एक लाख रुपये के करीब है। वहीं, केजीएमयू में इसकी शुरुआत 58 हजार रुपये से ही हो रही है। इस राशि को और कम करने के लिए कोष के विकल्प तलाशे जा रहे हैं। इसके बाद सर्जरी की फीस और कम हो जाएगी।
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यह है फीस-
उपयोग किए जाने वाले पोर्ट- कंपनी को दिया जाने वाला शुल्क- संचालन की फीस- कुल
दो पोर्ट- 53,100- 5,000- 58,100
तीन पोर्ट- 69,620- 10,000- 79,620
चार पोर्ट- 93,810- 15,000- 1,08,810
रोबोट नहीं, रोबोट के माध्यम से डाॅक्टर करते हैं सर्जरी
रोबोटिक सर्जरी में डाॅक्टर रोबोट के माध्यम से सर्जरी होती है। इसमें रोबोट का एक भाग मरीज और एक भाग डॉक्टर के पास रहता है। डाॅक्टर वाला भाग जिसे कंसोल कहते हैं, के माध्यम से रोबोट को चलाया जाता है। इसी वजह से इसे राबोटिक सर्जरी कहा जाता है।
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रोबोटिक सर्जरी के हैं बड़े फायदे
रोबोटिक सर्जरी सामान्य के मुकाबले कुछ महंगी है, लेकिन जटिल सर्जरी के मामले में यह बेहद उपयोगी है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता स्पष्टता है। रोबोट के माध्यम से होने वाली सर्जरी में मरीज के भीतरी अंगों की थ्रीडी इमेज बनती है। इससे डॉक्टर को भीतरी अंग स्पष्ट दिखाई देते हैं। इसके माध्यम से लगाया जाने वाला चीरा बेहद सटीक होता है। इससे चीरा बड़ा नहीं हो पाता है और मरीज जल्द स्वस्थ होता है। चीरा छोटा होने की वजह से खून भी कम बहता है। इस वजह से मरीज को अस्पताल से जल्द छुट्टी मिल जाती है।