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पीजीआई में पहली बार हुई हार्ट की रोबोटिक सर्जरी, दिल के ऊपर से हटाया ट्यूमर
Wed, 04 Sep 2019 04:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 04 Sep 2019 04:58 PM IST
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रोबोटिक हार्ट सर्जरी की तैयारी करते चिकित्सक
- फोटो : अमर उजाला
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एसजीपीजीआई के चिकित्सकों ने रोबोटिक सर्जरी के जरिये मरीज के दिल के ऊपर से ट्यमर हटाने में कामयाबी हासिल की। एसजीपीजीआई में पहली बार हार्ट की रोबोटिक सर्जरी की गई। शुक्रवार हुई इस सर्जरी के बाद सोमवार को मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अब उसे फॉलोअप में अगले हफ्ते बुलाया गया है।
केस स्टडी : ट्यूमर बढ़ने से पड़ रहा था दिल पर दबाव
राजधानी के जय कुमार (52) को करीब दो साल से चलने में सांस फूलती थी। आंखों लाल हो जाती थी और पहले बार-बार बंद हो जा रही थीं। एसजीपीजीआई में हुई जांच में पता चला कि थाइमस ग्रंथि में ट्यूमर था, जो कैंसर में बदल गया था। यह ग्रंथि छाती के अंदर और दिल के बाहरी सतह के करीब होती है। ट्यूमर बढ़ने के साथ दिल पर दबाव बन रहा था। डॉक्टर ने सर्जरी की जरूरत बताई।
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केस स्टडी : ट्यूमर बढ़ने से पड़ रहा था दिल पर दबाव
राजधानी के जय कुमार (52) को करीब दो साल से चलने में सांस फूलती थी। आंखों लाल हो जाती थी और पहले बार-बार बंद हो जा रही थीं। एसजीपीजीआई में हुई जांच में पता चला कि थाइमस ग्रंथि में ट्यूमर था, जो कैंसर में बदल गया था। यह ग्रंथि छाती के अंदर और दिल के बाहरी सतह के करीब होती है। ट्यूमर बढ़ने के साथ दिल पर दबाव बन रहा था। डॉक्टर ने सर्जरी की जरूरत बताई।
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ओपन सर्जरी में था खतरा
प्रतीकात्मक तस्वीर
आम तौर पर ऐसी सर्जरी पूरा सीना खोलकर किया जाता है। दिल के ऊपर ट्यूमर होने से ओपेन सर्जरी में कई रिस्क थे। ऐसे में रोबोटिक सर्जरी करने का फैसला किया गया।
पसली के बीच में एक-एक सेमी. के तीन छेद किए
सीएमएस प्रो. अमित अग्रवाल ने बताया कि पहली बार बिना सीना खोले दिल के ठीक ऊपर मौजूद ट्यूमर युक्त थायमस ग्रंथि को निकाला गया। इसके लिए सीने के बगल में पसली के बीच तीन स्थानों पर एक-एक सेमी के छेद किए गए। इससे रोबोटिक उपकरण को अंदर ले जाया गया। इसके बाद थाइमस ग्लैंड में ट्यूमर को कट कर निकाला गया।
इस टीम ने की सर्जरी
शुक्रवार को सीएमएस प्रो. अमित अग्रवाल, कार्डियक सर्जन प्रो. एसके अग्रवाल, प्रो. सबा रत्नम, डॉ. चेतन व डॉ. सुनील की टीम ने सर्जरी की।
पसली के बीच में एक-एक सेमी. के तीन छेद किए
सीएमएस प्रो. अमित अग्रवाल ने बताया कि पहली बार बिना सीना खोले दिल के ठीक ऊपर मौजूद ट्यूमर युक्त थायमस ग्रंथि को निकाला गया। इसके लिए सीने के बगल में पसली के बीच तीन स्थानों पर एक-एक सेमी के छेद किए गए। इससे रोबोटिक उपकरण को अंदर ले जाया गया। इसके बाद थाइमस ग्लैंड में ट्यूमर को कट कर निकाला गया।
इस टीम ने की सर्जरी
शुक्रवार को सीएमएस प्रो. अमित अग्रवाल, कार्डियक सर्जन प्रो. एसके अग्रवाल, प्रो. सबा रत्नम, डॉ. चेतन व डॉ. सुनील की टीम ने सर्जरी की।