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सड़क सुरक्षा अभियान : यूपी के अधिकारियों पर सीएम का आदेश भी बेअसर, तीन दिन में सड़क हादसों में 38 की गई जान
Mon, 23 May 2022 11:30 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 23 May 2022 11:30 AM IST
सार
प्रदेश में सड़क सुरक्षा अभियान 19 मई से शुरू हुआ है। पिछले तीन दिनों में सड़क हादसे में यूपी के विभिन्न जिलों में 38 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें दो पुलिस कर्मी भी शामिल हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश में सड़क सुरक्षा अभियान जोर शोर से चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त हिदायत के बाद भी अफसर सक्रिय नहीं हो रहे हैं। डग्गामार वाहन बदस्तूर चल रहे हैं और सड़कों पर बेतरतीब खड़े ट्रक हादसे की वजह बन रहे हैं। यह हम नहीं कह रहे, बीते तीन दिन की घटनाएं बता रही हैं।
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प्रदेश में सड़क सुरक्षा अभियान 19 मई से शुरू हुआ है। पिछले तीन दिनों में सड़क हादसे में यूपी के विभिन्न जिलों में 38 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें दो पुलिस कर्मी भी शामिल हैं। इसमें सिद्घार्थनगर में खड़ी ट्रेलर में बोलेरो घुसने से सात लोगों की मौत हो गई। यह सभी बाराती थे। इसी तरह बलरामपुर में 20 मई को ट्रक्टर ट्राली और तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर में भी 6 बारातियों की मौत हो गई। वहीं आजमगढ़ में ऑटो और पिकअप की टक्कर में तीन लोगों की जान चली गई।
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वहीं लखनऊ में विभिन्न थाना क्षेत्रों में तीन दिनों में सात लोगों की सड़क हादसे में जान जा चुकी है। इसमें कहीं तेज रफ्तार वजह बनी और कहीं शराब पीकर गाड़ी चलाना महंगा पड़ा। 20 मई को ही शाहजहांपुर में तेज रफ्तार कार ने एक दरोगा को टक्कर मार दी, मौके पर मौत हो गई। इसी तरह अलीगढ़ में भी सड़क हादसे में एक मुख्य आरक्षी की जान चली गई। गाजीपुर में सड़क हादसे में बाप बेटे की जान चली गई। इसके अलावा हरदोई और बिजनौर में भी सड़क हादसे में दो-दो लोगों की जान गई। 9 अन्य हादसों में भी नौ लोगों की जान जा चुकी है। यह वह घटनाएं हैं जिसमें मौके पर ही हादसे के शिकार व्यक्ति ने दम तोड़ दिया।
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अवैध वसूली का बड़ा जरिया है डग्गामार वाहन
डग्गामार वाहनों के खिलाफ कभी भी पुख्ता कार्रवाई नहीं की गई। दिखावटी या बजाहिर कार्रवाई कर दी जाती है। कुछ ही घंटों या दिन के बाद डग्गामार वाहन सड़क पर दौड़ने लगते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह अवैध वसूली है। क्योंकि पुलिस की अवैध कमाई का सबसे बड़ा जरिया ही यह अवैध डग्गामार वाहन और अवैध स्टैंड होते हैं। अभियान की वजह से पुलिस का रेट जरूर बढ़ जाता है। देखना यह है कि मुख्यमंत्री की इस बार की सख्ती का कितना असर पुलिस कर्मियों पर होता है।