लखनऊ: गोमती उफनाई तो एमार गोमती ग्रीन्स पर संकट, बढ़ते जलस्तर से चिंतित निवासी; प्रशासन से की ये मांग
लखनऊ में गोमती उफनाई तो एमार गोमती ग्रीन्स पर जलभराव का संकट आ सकता है। नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से यहां के निवासी चिंतित हैं। उन्होंने प्रशासन से लगातार निगरानी रखने की मांग की। आगे पढ़ें विस्तार से...
विस्तार
राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का बढ़ता जलस्तर एमार गोमती ग्रीन्स के निवासियों के लिए चिंता का कारण बन गया है। जलस्तर में और इजाफा हुआ तो सोसाइटी के आसपास जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन और अन्य विद्युत उपकरणों की सुरक्षा को लेकर भी आरडब्ल्यूए ने प्रशासन को सतर्क करने की मांग की है।
आरडब्ल्यूए ने जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, नगर निगम और विद्युत विभाग से मौके का निरीक्षण करके जरूरी तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने की अपील की है। उनके मुताबिक, मौजूदा स्थिति में गोमती नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखना जरूरी है। साथ ही सोसाइटी के आसपास संभावित जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर पंप, जनरेटर और राहत-बचाव उपकरणों की व्यवस्था पहले से की जानी चाहिए।
रात में बढ़ा पानी तो बढ़ सकती है मुश्किल
आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष राज किशोर राजेश का कहना है कि यदि रात के दौरान जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने में समय लग सकता है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच तत्काल समन्वय जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य बिना देरी शुरू किया जा सके।
अफवाहों से बचें, आधिकारिक सूचना पर भरोसा
उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य किसी तरह की दहशत फैलाना नहीं, बल्कि संभावित जोखिम को देखते हुए समय रहते प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है। निवासियों से अपील की है कि वे जलस्तर को लेकर किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य अधिकृत एजेंसियों की ओर से जारी सूचनाओं को ही सही मानें।
सब-स्टेशन की सुरक्षा सबसे अहम
गोमती का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सोसाइटी की विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने विद्युत विभाग से सब-स्टेशन और विद्युत उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा करने की मांग की है। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक बिजली व्यवस्था की तैयारी रखने की भी अपील की है।
ये इंतजाम पहले से करने की रखी मांग
- गोमती के जलस्तर की लगातार निगरानी
- सोसाइटी के आसपास जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण
- पंप और जनरेटर की व्यवस्था
- राहत एवं बचाव उपकरण तैयार रखना
- आपदा प्रबंधन टीम के संपर्क नंबर उपलब्ध कराना
- जरूरत पड़ने पर निकासी और बचाव की योजना लागू करना