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राजस्व टीम ने किसान का मकान ढहाया, लगाई आग
नरेंद्र मिश्र/लखनऊ
Updated Tue, 26 Nov 2013 11:15 AM IST
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देवा रोड स्थित धांवा गांव में पट्टे की जमीन पर बने किसान का मकान ढहाए जाने की तहसील प्रशासन की रविवार देर शाम की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है।
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वर्षों से किसान परिवार इस मकान में रह रहा था। बेघर हुए परिवार का आरोप है कि ग्रामीणों ने घर ढहाने का विरोध किया तो टीम ने उसके छप्पर में आग लगा दी।
उसका कहना है कि कार्रवाई एक रीयल एस्टेट कंपनी के इशारे पर की गई। पैसा लेकर जमीन से हटने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा था।
पीड़ित सिंहासन का कहना है कि बगैर कोई नोटिस दिए राजस्व विभाव की टीम स्थानीय पुलिस के साथ रविवार शाम उसके घर धमक पड़ी।
उस समय वह अपने भाइयों के साथ रिश्तेदारी में गया हुआ था। बूढ़ी मां बेला व पत्नी विद्यावती चार साल के बच्चे के साथ घर पर थी।
टीम ने पहुंचते ही जेसीबी से उसका मकान ढहाना शुरू कर दिया। पत्नी व मां के शोर पर जमा हुए ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया तो टीम ने उसके छप्पर में आग लगा दी।
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जिससे उसका सारा सामान जल गया। विद्यावती ने जब इसकी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी तो चिनहट कोतवाली पुलिस ने धमकाना शुरू कर दिया।
1976 में मिला था पट्टा
सिंहासन ने बताया कि वर्ष 1976 में तत्कालीन प्रधान बाबादीन ने पांच बीघा जमीन खसरा संख्या 252,253,254,255 व 257 पिता रामजीत के नाम पट्टा किया था।
पिता की मौत के बाद सिंहासन, इंद्रासन, रामसत व संतराम के परिवार का गुजर बसर इस जमीन से हो रहा था।
जमीन न बेचने पर हो चुका है हमला
किसान सिंहासन रावत का कहना है कि अपनी पट्टे की जमीन बेचने के लिए लगातार रीयल एस्टेट कंपनी राय एन्क्लेव के राजेश राय उस पर दबाव बनाते रहे हैं।
ज्यादा पैसा देने का भी कई बार लालच दिया गया। इसके बाद भी जमीन बेचने के लिए तैयार न होने पर उनके ऊपर हमला भी करवाया गया।
रीयल एस्टेट कंपनी वालों ने उसकी झोपड़ी में दो बार आग लगा दी। सिंहासन का आरोप है कि हर बार स्थानीय पुलिस में तहरीर दी पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
तहसील प्रशासन भी दबाव बना रहा था
पीड़ित किसान का आरोप है कि तसहील प्रशासन भी पैसा लेकर जमीन से हटने का दबाव बना रहा था। बुलडोजर चलवाए जाने की धमकी भी दी जा रही थी।
सिंहासन ने बताया कि लेखपाल विजय चौहान व कानूनगो राम शंकर सिंह पिछले एक सप्ताह से घर आकर उस पर दबाव बना रहे थे।
ग्राम समाज की जमीन पर कंपनी का कब्जा
राजस्व टीम की इस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों की मानें तो राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से रीयल एस्टेट कंपनी ने ग्राम समाज की 10 बीघा से ज्यादा जमीन अपने कब्जे में ले रखी है।
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पुराने पट्टाधारक परिवार अर्जुन, अच्छेलाल, सागर, हनुमान ने बताया कि उनकी जमीनों को भी कंपनी के लोग दबाव बनाकर हथिया चुके हैं।