UP News : परिषदीय स्कूलों की निगरानी में सहयोग करेंगे सेवानिवृत्त ‘शिक्षक साथी’, एक वर्ष का होगा कार्यकाल
प्रमुख सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को शिक्षक साथी का चयन जिले में एक महीने में कराने के लिए कहा है। चयन योग्यता के तहत परिषदीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक या प्रधानाध्यापक के रूप में न्यूनतम पांच वर्ष का शिक्षण अनुभव भी जरूरी होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की शैक्षिक निगरानी में अब सेवानिवृत्त परिषदीय शिक्षक भी सहयोग कर सकेंगे। इच्छुक शिक्षकों का चयन ‘शिक्षक साथी’ के रूप में जिले स्तर पर गठित चयन समिति द्वारा किया जाएगा। सेवानिवृत्त होने से 70 वर्ष की आयु तक की अवधि के लिये उनका चयन हो सकेगा। कार्यकाल एक वर्ष का होगा और प्रत्येक वर्ष परफॉरमेंस के आधार पर जनपदीय चयन समिति के अनुमोदन से नवीनीकरण किया जाएगा। राज्य/राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को चयन में वरीयता दी जाएगी। प्रत्येक शिक्षक साथी को मोबिलिटी भत्ता के रूप में 2500 रुपये प्रतिमाह मिलेगा। अन्य कोई भत्ता, मानदेय इत्यादि देय नहीं होगा।
इस संबंध में शासन स्तर से प्रमुख सचिव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा दीपक कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को शिक्षक साथी का चयन जिले में एक महीने में कराने के लिए कहा है। चयन योग्यता के तहत परिषदीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक या प्रधानाध्यापक के रूप में न्यूनतम पांच वर्ष का शिक्षण अनुभव भी जरूरी होगा। प्रत्येक विकासखंड/नगर क्षेत्र के लिए चयन की अधिकतम संख्या निर्धारित नहीं की गई है। सभी योग्य व इच्छुक आवेदनकर्ता को इसमें सम्मिलित किया जा सकता है। शिक्षक साथी चयन के बाद जिला परियोजना कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करेंगे। जनपदीय चयन समिति द्वारा आवश्यकतानुसार विकासखंड का आवंटन होगा। इनका कार्यक्षेत्र संबंधित ब्लॉक निर्धारित होगा। उनकी उपस्थिति उनके द्वारा सपोर्टिव सुपरविजन रिपोर्ट प्रेरणा ऐप पर अपलोड किए जाने से मानी जाएगी और उसी के अनुसार मोबिलिटी भत्ता मिलेगा। शिक्षक साथ ही से अन्य कोई कार्य नहीं लिया जाएगा।
यह होगा कार्य
- प्रत्येक महीने न्यूनतम 30 विद्यालयों (केजीबीवी में अधिकतम दो बार) का निरीक्षण करना होगा। साथ ही स्पष्ट आख्या जिला समन्वयक प्रशिक्षण के माध्यम से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं प्राचार्य डायट को अगले महीने की 5 तारीख तक भेजनी होगी।
- आगामी एक माह की कार्ययोजना व भ्रमण कार्यक्रम जिला समन्वयक-प्रशिक्षण के माध्यम से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व डायट प्राचार्य को माह की 28 तारीख तक देनी होगी और उसी के अनुसार अगले महीने में क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
- दीक्षा व रीड एलांग ऐप के प्रयोग के लिए बच्चों, अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा।
- निरीक्षण के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों जैसे बच्चों की प्रार्थना सभा, बैठक व्यवस्था, समय सारिणी का प्रयोग, बाल संसद, मीना मंच, पुस्तकालय, खेलकूद आदि गतिविधियां देखनी होंगी। साथ ही मॉडल शिक्षण का प्रदर्शन करना होगा।
- विद्यालय में उपलब्ध प्रिंटरिच सामग्री, टीएलएम, मैथ्स व साइंस किट्स, लाइब्रेरी बुक्स व तालिका आदि का प्रयोग सुनिश्चित कराया जाएगा।
- संवेदनशील मुद्दों जैसे-जेंडर, समता समानता, जीवन कौशल शिक्षा, पर्यावरण संवेदना, सड़क सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, आत्मरक्षा, बाल अधिकार आदि विषय पर शिक्षकों को संवेदनशील बनाएंगे।
- विकासखंड स्तर पर होने वाली प्रधानाध्यापकों की मासिक बैठकों में शिक्षक साथी अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करेंगे व विद्यालय स्तरीय अकादमिक उपलब्धियों व चुनौतियों से उन्हें अवगत कराएंगे।