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यूपी: कुछ इलाकों में 77% बिजली चोरी, करोड़ों के राजस्व का नुकसान; इंजीनियरों की संपत्ति की होगी जांच

Sun, 30 Aug 2026 12:19 PM IST
Bhupendra Singh चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Sun, 30 Aug 2026 12:19 PM IST
सार

यूपी में कुछ इलाकों में 77% बिजली चोरी हो रही है। इससे सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। सबसे ज्यादा चोरी वाले क्षेत्रों में वाराणसी व मऊ भी शामिल हैं। जेई-एक्सईएन को नोटिस दिया गया है। अब इंजीनियरों की संपत्ति की जांच कराई जाएगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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77% electricity theft in some areas of UP causing revenue assets of engineers to be investigated
electricity - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी की दर कम हुई है, लेकिन अभी भी कई फीडरों (इलाकों) से 77 फीसदी तक चोरी हो रही है। इससे पॉवर कॉर्पोरेशन को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। ऐसे में हर विद्युत वितरण क्षेत्र के सर्वाधिक चोरी वाले फीडर चिह्नित किए गए हैं। यहां कार्यरत जेई से लेकर एक्सईएन तक पर कार्रवाई की तैयारी है। इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। इनकी संपत्ति की भी जांच की जाएगी।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में तीन दिन पहले हुई समीक्षा के दौरान बिजली चोरी के चौकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश में बिजली चोरी की दर में करीब 18 फीसदी की कमी आई है। लेकिन, विभिन्न जिलों में कई फीडर ऐसे हैं, जहां 77% तक बिजली चोरी हो रही है। इसका खामियाजा ऊर्जा विभाग भुगत रहा है। 

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इन जिलों में सर्वाधिक बिजली चोरी

रिपोर्ट के मुताबिक, गाजीपुर के नंदगंज फीडर से सर्वाधिक 77.17 फीसदी, वाराणसी के अनेई फीडर से 75.53 फीसदी, प्रतापगढ़ जोन के गढ़वारा फीडर से 74.86 फीसदी, गोरखपुर के भटनी फीडर से 72.76, चैनपुर फीडर से 71.98 फीसदी, मऊ के करहन फीडर से 54.58 फीसदी बिजली चोरी हो रही है। यही स्थिति कई अन्य फीडरों की भी है। 

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राजस्व नुकसान की स्थिति देखें तो बैरिया के दुबहर फीडर से हर माह सर्वाधिक 14.70 करोड़ के राजस्व का नुकसान हो रहा है। बिजली चोरी रोकने के लिए प्रदेश के 50 अधिकतम चोरी वाले फीडरों को चुना गया है। हर विद्युत वितरण निगम के 10-10 सर्वाधिक चोरी वाले फीडरों को चिह्नित किया गया है।

यहां कार्यरत अवर अभियंता, सहायक अभियंता, उपखंड अधिकारी, अधीशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। शनिवार को विभिन्न निगमों के कुछ फीडरों के आधार पर नोटिस जारी किया गया है। जवाब मिलने के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जहां सर्वाधिक चोरी हुई है, उस फीडर से जुड़े अभियंताओं की संपत्ति की भी जांच कराने की तैयारी है।

हर दिन होगी समीक्षा

बिजली चोरी रोकने के लिए चिह्नित 50 फीडरों की हर दिन समीक्षा की जाएगी। इन फीडरों की आपति, बिलिंग, मीटरिंग, बकाया वसूली, राजस्व संग्रह तथा तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों की निगरानी होगी।



पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि शत प्रतिशत बिजली चोरी रोकने और राजस्व हानियां कम करने की रणनीति अपनाई गई है। अधिकतम चोरी वाले फीडरों को चिह्नित कर कारणों को जाना जा रहा है। जहां अभियंता दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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