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Lucknow News: सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी से ग्रीन गैस कंपनी कर्मी बता 23.14 लाख की ठगी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
लखनऊ। खुद को ग्रीन गैस कंपनी का कर्मी बताकर जालसाजों ने इंदिरानगर के रेवती विहार निवासी सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी कृपा शंकर मिश्र से 23.14 लाख रुपये ठग लिए। उन्होंने 21 सितंबर को साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर आलोक राव ने बताया कि पीड़ित ने समय पर घटना की शिकायत पुलिस से की थी। इससे ठगे गए 5.15 लाख रुपये फ्रीज कराए गए और बाद में उक्त रकम पीड़ित को वापस करा दी गई।
कृपा शंकर मिश्र के अनुसार, 20 सितंबर को उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। फोनकर्ता ने खुद को ग्रीन गैस कंपनी का कर्मचारी बताया और 1931 रुपये के बिल का भुगतान करने की बात कही। उन्होंने फोनकर्ता को बताया कि बिल का भुगतान 18 सितंबर को ही कर दिया था। अगले दिन फिर कॉल आई और बिल अपडेट करने के नाम पर बातचीत के दौरान जालसाजों ने उन्हें एक एपीके फाइल भेजी। एपीके फाइल खोलते ही जालसाजों ने उनका मोबाइल हैक कर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 13.14 लाख रुपये निकाल लिए। उनकी 10 लाख रुपये की एफडी भी तुड़वाकर रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। रुपये कटने का मैसेज आने पर उन्हें ठगी का पता चला। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना आलोक राव ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। जालसाजों ने जिन खातों में रुपये ट्रांसफर कराए हैं, उनकी डिटेल संबंधित बैंक से मांगी गई है। ठगी की रकम से जालसाजों ने एक फाइनेंस कंपनी का भुगतान किया, जबकि कुछ रुपये एटीएम के माध्यम से निकाल लिए।
ग्रीन गैस कंपनी के ये हैं आधिकारिक माध्यम
- ग्रीन गैस कस्टमर केयर नंबर : 6390905003
- सीजीएल इंगेज एप
- ग्रीन गैस की कस्टमर केयर ईमेल आईडी - customercare.lko@ gglonline.net
- आधिकारिक एसएमएस हेडर - GGLPNG-S
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कृपा शंकर मिश्र के अनुसार, 20 सितंबर को उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। फोनकर्ता ने खुद को ग्रीन गैस कंपनी का कर्मचारी बताया और 1931 रुपये के बिल का भुगतान करने की बात कही। उन्होंने फोनकर्ता को बताया कि बिल का भुगतान 18 सितंबर को ही कर दिया था। अगले दिन फिर कॉल आई और बिल अपडेट करने के नाम पर बातचीत के दौरान जालसाजों ने उन्हें एक एपीके फाइल भेजी। एपीके फाइल खोलते ही जालसाजों ने उनका मोबाइल हैक कर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 13.14 लाख रुपये निकाल लिए। उनकी 10 लाख रुपये की एफडी भी तुड़वाकर रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। रुपये कटने का मैसेज आने पर उन्हें ठगी का पता चला। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना आलोक राव ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। जालसाजों ने जिन खातों में रुपये ट्रांसफर कराए हैं, उनकी डिटेल संबंधित बैंक से मांगी गई है। ठगी की रकम से जालसाजों ने एक फाइनेंस कंपनी का भुगतान किया, जबकि कुछ रुपये एटीएम के माध्यम से निकाल लिए।
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ग्रीन गैस कंपनी के ये हैं आधिकारिक माध्यम
- ग्रीन गैस कस्टमर केयर नंबर : 6390905003
- सीजीएल इंगेज एप
- ग्रीन गैस की कस्टमर केयर ईमेल आईडी - customercare.lko
- आधिकारिक एसएमएस हेडर - GGLPNG-S