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इस बैंक ने बिना अनुमति खोले एटीएम, रिजर्व बैंक ने लगाया एक लाख का जुर्माना व दिया ये निर्देश

Tue, 10 Jul 2018 12:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 10 Jul 2018 12:43 PM IST
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Reserve Bank fined one lakh rupees to North Railway Primary Cooperative Bank
- फोटो : डेमो

लखनऊ से चल रहे उत्तर रेलवे प्राइमरी कोऑपरेटिव बैंक (एनआरपीसीबी) ने बिना अनुमति लिए एटीएम खोलने शुरू कर दिए। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इन्हें बंद करने का निर्देश दिया है। साथ ही बैंक पर एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है।

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आरबीआई की ओर से जारी नोटिस में बताया गया कि बैंकिंग रेग्युलेशन एक्ट 1949 के नियमों के तहत यह जुर्माना लगाया जा रहा है।

इन नियमों के तहत आरबीआई गाइडलाइन की अवहेलना पर बैंक पर अधिकतम एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। नोटिस में आरबीआई के सहायक प्रबंधक अनिरुद्ध डी जाधव ने बताया कि एनआरपीसीबी ने अपनी शाखा पर एटीएम शुरू कर दिए थे। लेकिन इसके लिए आरबीआई से उचित अनुमति और एनओसी नहीं ली गई। इसकी शिकायत मिलने पर कार्रवाई की गई है।
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यह भी बताया कि पहले बैंक को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था, जिसका जवाब संतोषजनक नहीं था। आरबीआई ने माना गाइडलाइन की अवहेलना हुई है, इसलिए कार्रवाई की गई। एनआरपीसीबी एक शहरी सहकारी बैंक है, जिसे 1986 में आरबीआई से लाइसेंस मिलने के बाद सहकारी बैंक का स्वरूप मिला था।
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लखनऊ में बैंक की विधानसभा मार्ग पर शाखा है। वहीं, कानपुर, वाराणसी, मुरादाबाद और इलाहाबाद में भी शाखाएं चल रही हैं। इनके जरिए ग्राहकों को सभी कोर बैंकिंग सेवाएं दी जा रही हैं। इसके करीब 80 हजार खाताधारक और 700 करोड़ का फंड कैपिटल व रिजर्व है। 

प्रतिबंध के बाद खाताधारकों के फंस गए थे रुपये

Reserve Bank fined one lakh rupees to North Railway Primary Cooperative Bank
डेमो
अन्य बैंकों पर भी हो चुकी कार्रवाई 
हिंदुस्तान को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड : इसके 50 हजार से अधिक खाताधारकों के सैकड़ों करोड़ रुपये आरबीआई के 10 अप्रैल 2015 को लगाए प्रतिबंधों के बाद फंस गए थे। प्रतिबंध समय-समय पर बढ़ाए जाते रहे। 15 अप्रैल 2018 को इन्हें हटा लिया गया।

इंडियन मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड : आरबीआई ने इस पर 30 जुलाई 2014 को पहली बार प्रतिबंध लगाए थे। इन्हें कई बार तीन से छह महीने के लिए बढ़ाया गया। अभी भी ये प्रतिबंध जारी हैं। बीती मार्च में आरबीआई ने इन्हें 11 सितंबर तक के लिए बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए। बैंक में सैकड़ों ग्राहकों का पैसा आज भी फंसा है।

पायनियर अरबन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड : इसके बैंकिंग कामों पर आरबीआई ने प्रतिबंध लगाए। बैंक की खराब आर्थिक स्थिति के चलते इन्हें आगे बढ़ाया जाता रहा। स्थितियां नहीं सुधरीं तो बैंक ने अपना लाइसेंस खारिज करने का अनुरोध आरबीआई से कर दिया। इस पर जुलाई 2016 में लाइसेंस खारिज कर दिया गया। बैंक की लिक्विडेशन प्रक्रिया जारी है, ताकि देनदारों को उनकी रकम चुकाई जा सके। कई देनदार बुरी  स्थिति में हैं।
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