{"_id":"475fe5388bca14a9a017fb3e316adc9f","slug":"reservation-in-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘आरक्षित सीटों पर बाहरी को न बनाएं प्रत्याशी’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘आरक्षित सीटों पर बाहरी को न बनाएं प्रत्याशी’
शोभित श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Sat, 19 Oct 2013 12:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर आयोजित कांग्रेस के एससी-एसटी सम्मेलन में आरक्षित सीटों पर बाहरी लोगों को टिकट न दिए जाने की मांग उठी।
विज्ञापन
वक्ताओं ने ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक पूरी तरह से आरक्षण लागू किए जाने की बात कही। इस मौके पर दलित समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष का संकल्प लिया गया।
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित सम्मेलन में विधानमंडल दल के पूर्व नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने महिला सशक्तीकरण के लिए जो कार्य किए, उसे भुलाया नहीं जा सकता।
विज्ञापन
उन्होंने श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में विश्व में स्थापित किया। आज कुछ लोग भगवान के नाम पर धार्मिक भावनाएं भड़काकर समाज को तोड़ने का काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
वहीं पूर्व मंत्री रामलाल राही ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि से प्रेरणा लेकर दलित समाज को अपने विकास के लिए तत्पर रहना होगा, तभी मान-सम्मान हासिल हो सकता है।
आज कुछ लोग दलित महापुरुषों के नाम पर वोट की राजनीति कर रहे हैं। पूर्व मंत्री राज बहादुर ने कहा कि दलित समाज के महापुरुषों ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है।
इसलिए सभी का कर्तव्य है कि दलित समाज के अधिकारों के संरक्षण के लिए कार्य करें। सम्मेलन का संयोजन श्यामलाल पुजारी ने किया।
लखनऊ की अन्य खबरों के लिए क्लिक करें यहां