ताजी सब्जी, फल और दूध से भी हो सकती हैं गंभीर बीमारियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ताजी सब्जियों, फलों और दूध के नियमित सेवन से अगर आप खुद को सेहत मंद बनाए रखने के बारे में सोचते हैं तो सावधान हो जाइए। दरअसल, देश के 12.5 फीसदी खाद्य पदार्थों में खतरनाक कीटनाशक पाए गए हैं जो आपको अनजाने में गंभीर बीमारियों का शिकार बना रहे हैं।
केंद्र सरकार की ओर से करवाए इस अध्ययन के मुताबिक अधिकतर सब्जियों, फलों, दूध और अन्य खाद्य पदार्थ में सबसे अधिक खतरनाक कीटनाशक पाए गए हैं। अध्ययन के लिए ये नमूने देश के विभिन्न खुदरा और थोक दुकानों से इकट्ठा किए गए थे।
चौंकाने वाला तथ्य यह है कि ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ बेचने का दावा करनी वाली दुकानों से लिए गए नमूनों में भी खतरनाक कीटनाशक पाए गए। केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2005 में खाद्य पदार्थों में कीटनाशकों की मौजूदगी पर निगरानी के लिए शुरू की गई योजना के तहत वर्ष 2014-15 में लिए गए कुल 20,618 नमूनों में से 12.50 फीसदी में खतरनाक कीटनाशक पाए गए।
दाल और चावल में भी मिले कीटनाशक
इन नमूनों का देश के 25 प्रयोगशालाओं में परीक्षण किया गया। परीक्षण रिपोर्ट में 12.5 फीसदी नमूनों में एसफेट, बाइफेंथ्रीन, एस्टैमीप्राइड, ट्राइआजोफोस, मेटालैक्सील, मैलाथीन, एस्टैमीप्रीड, कार्बोसल्फान, प्रोफेनोफोस और हेक्साकोनाजोल जैसे अस्वीकृत कीटनाशक पाए गए। यानी इन कीटनाशकों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है।
कृषि मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि 18.7 फीसदी नमूनों में कीटनाशक पाए गए, जबकि 2.6 फीसदी नमूनों में फूड सेफ्टी और स्टैंडर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की ओर से तय कीटनाशक की अधिकतम मात्रा से अधिक कीटनाशक पाए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक सब्जियों के 1180, फलों के 225, मसालों के 732, चावल के 30 और दालों के 43 नमूनों में अस्वीकृत कीटनाशक पाए गए। मंत्रालय ने सब्जियों, फलों, मसालों के अलावा लाल मिर्च पाउडर, कड़ी पत्ते, चावल, गेहूं, दाल, मछली, मीट, अंडे, चाय, दूध और भू-जल के नमूने लिए थे।