अकेले लखनऊ में 70 हुआ डेंगू प्रभावित का आंकड़ा
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लखनऊ में मच्छर से जनित बुखार पीड़ित की संख्या बढ़ती जा रही है। एडिज मच्छर का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मच्छर के काटने से जानलेवा बीमारी तेजी से फैल रही है और मरीजों के मिलने का सिलसिला लगातार जारी है।
मंगलवार को डेंगू के चार नए मरीज मिले और आंकड़ा 70 पर पहुंच गया। वहीं मच्छरजनित रोग भी तेजी से फैल रहा है। इसी का नतीजा रहा कि इलाज के लिए पहुंचे 17 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई। सभी मरीजों का इलाज घर पर चल रहा है।
डेंगू पीड़ित मरीजों के मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को चार नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई और आंकड़ा 70 पर पहुंच गया। बलरामपुर अस्पताल में भर्ती लखनऊ के पंद्रह साल के कार्तिक में डेंगू की पुष्टि हुई। इसी तरह इमरजेंसी में भर्ती लालकुआं के शादाब (38) और निशा (28) में डेंगू की पुष्टि हुई।
लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती आकाश (21) को डेंगू की शिकायत है। सभी मरीजों में कार्ड टेस्ट से डेंगू जांच की पुष्टि हुई। रक्त का सैंपल एलाइजा जांच के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय स्थित लैब भेजा गया है।
मलेरिया बुखार का भी प्रभाव
वहीं सिविल, बलरामपुर और लोहिया अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी पहुंचे मरीजों की मलेरिया जांच हुई जिसमें कुल 17 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई।
मलेरिया के मरीजों का घर पर इलाज चल रहा है। डेंगू मरीजों की भीड़भाड़ का आलम ये है कि बलरामपुर अस्पताल में 25 बेड, लोहिया इमरजेंसी में छह बेड और सिविल अस्पताल में चार बेड कई दिनों से फुल चल रहे हैं।
इस मामले में सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव का कहना है कि मच्छरजनित रोग से बचाव के लिए सावधानी बहुत जरूरी है।
राजधानी में तेजी से पांव पसार रहे डेंगू पर नियंत्रण मुश्किल है। स्थिति ये है कि अस्पतालों में फॉगिंग और एंटीलार्वा का छिड़काव तक नहीं हो रहा है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ क्षमता से अधिक है इसके बाद भी साफ सफाई की व्यवस्था भी बेपटरी हो गई है।
गंदगी और फॉगिंग एंटीलार्वा का छिड़काव न होने से अस्पताल में मच्छरों के पनपने से बीमारी फैलने का खतरा अधिक हो गया है। यही हाल बलरामपुर अस्पताल के स्टाफ क्वार्टर का है जहां पर हर तरफ गंदगी का अंबार लगा है लेकिन कोई साफ सफाई नहीं हो रही है। फॉगिंग और एंटीलार्वा का छिड़काव तो दूर की बात है।