RTI में खुलासा : सपा सरकार में हर दिन हुए दो अफसरों के तबादले
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पिछली समाजवादी पार्टी सरकार में तबादला उद्योग को जमकर बढ़ावा दिया गया। आरटीआई के तहत हुए खुलासे से सामने आया है कि सपा सरकार के दौरान सिर्फ प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) अधिकारियों के ही पांच साल में औसतन चार बार तबादले किए गए। प्रदेश में 924 पीपीएस अधिकारी हैं।
सपा सरकार के 1829 दिन के कार्यकाल में 3921 बार तबादले आदेश जारी हुए। यानी रोजाना औसतन दो अधिकारियों के तबादले किए गए। आरटीआई कार्यकर्ता नूतन ठाकुर की ओर से मांगी गई जानकारी में आईजी प्रशासन प्रकाश डी ने बताया है कि इन पांच वर्षों में 480 पीपीएस अधिकारियों का तबादला आदेश जारी करने के बाद उसमें संशोधन किया गया।
123 आदेश निरस्त किए गए जबकि 357 में दी गई तैनाती में बदलाव किया गया। नूतन ने बताया कि सपा सरकार ने पहले वर्ष 2012 में ही 1199 पीपीएस अधिकारियों के तबादले किए। 2012 में 27 मार्च को 120, 1 अप्रैल को 153, 7 अप्रैल को 110 और 16 अक्तूबर को 121 पीपीएस अफसरों के तबादले किए गए।
चुनाव आयोग ने किए मात्र आठ तबादले
इनमें चार बार जारी आदेशों में 100-100 से अधिक अधिकारियों के तबादले हुए। वहीं चार बार जारी आदेश में 50-50 से अधिक अधिकारियों के तबादले किए गए। आरटीआई में बताया गया है कि अखिलेश सरकार ने अपना पहला स्थानांतरण आदेश 17 मार्च 2012 को जारी किया था जिसमें मेरठ में एसपी सिटी बीपी अशोक को चुनार भेजा गया था।
अंतिम स्थानांतरण आदेश 25 दिसंबर 2016 को जारी किया गया जिसमें 25 अफसरों के तबादले किए गए। चार जनवरी 2017 को आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। चुनाव आयोग ने ढाई महीने में कुल आठ पीपीएस अधिकारियों के तबादले किए।
आरटीआई में बताया गया है कि अखिलेश सरकार ने अपना पहला स्थानांतरण आदेश 17 मार्च 2012 को जारी किया था जिसमें मेरठ में एसपी सिटी बीपी अशोक को चुनार भेजा गया था।
अंतिम स्थानांतरण आदेश 25 दिसंबर 2016 को जारी किया गया जिसमें 25 अफसरों के तबादले किए गए। चार जनवरी 2017 को आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। चुनाव आयोग ने ढाई महीने में कुल आठ पीपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए।