यूपी में ड्यूटी पर मर रहे पुलिस कर्मियों के चौंकाने वाले आंकड़ें
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मथुरा कांड में उपद्रवियों से जूझते हुए शहीद होने वाले पुलिसकर्मी अपने साहस और वीरता के लिए हमेशा याद किए जाएंगे, लेकिन एक तथ्य यह भी है कि देश भर में जहां ड्यूटी पर जान गंवाने वाले पुलिस कर्मियों की संख्या घट रही है, वहीं यूपी में इसमें बढ़ोतरी हुई है।
आंकड़े बताते हैं कि सूबे में हर साल तकरीबन सौ पुलिस कर्मियों की ड्यूटी के दौरान जान जा रही है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार साल 2013 के मुकाबले 2014 में पुलिस कैजुअल्टी 11.76 फीसदी बढ़ी है।
हालांकि 2015 केआंकडे़ अभी जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि इनमें भी वृद्धि ही नजर आएगी। दूसरी ओर पूरे देश में होने वाली पुलिस कर्मियों की मौतों में से 13.32 फीसदी मौतें उत्तर प्रदेश में हो रही हैं।
यह दर्शाता है कि राज्य में पुलिस की ड्यूटी कितनी खतरनाक होती जा रही है। अधिकतर मौतें ड्यूटी के दौरान हादसों में हो रही हैं। इनमें अपराधियों का पीछा करने के दौरान हुए सड़क हादसे और आग व प्राकृतिक आपदाओं के समय मदद पहुंचाने गए पुलिस कर्मियों के खुद हादसों का शिकार होने के मामले प्रमुख हैं।
लगातार बढ़ रहा है मौत का आंकड़ा
राष्ट्रीय स्तर पर 2010 में कुल 862 पुलिस कर्मियों ने ड्यूटी करते हुए जान गंवाई थी। बीते पांच सालों के दौरान इसमें लगातार गिरावट आई और 17.28 फीसदी की कमी के साथ यह आंकड़ा 713 पर पहुंच गया है।
दूसरी ओर यूपी में 2010 में जहां 105 मौतें हुई थीं। इसमें 2014 में 95 मौतों के साथ 9.52 फीसदी की गिरावट तो आई, लेकिन 2013 में हुई 85 मौतों के मुकाबले यह आंकड़ा 11.76 फीसदी ज्यादा है।
2010 के मुकाबले 2011 में भी इसी तरह पुलिस कर्मियों की मौतों में अचानक वृद्धि हुई थी और एक ही वर्ष में संख्या में 27.61 की वृद्धि हुई थी।
आंकड़े बयां करते हैं हाल
साल : कुल मौतें भारत - कुल मौतें यूपी - दंगाई भीड़ से - अन्य - अपराधियों से - ड्यूटी के दौरान हादसों में
2010 : 862 - 105 - 1 - 1 - 2 - 101
2011 : 853 - 134 - 5 - 2 - 15 - 112
2012 : 795 - 110 - 0 - 0 - 11 - 99
2013 : 722 - 85 - 1 - 1 - 9 - 74
2014 : 713 - 95 - 1 - 3 - 9 - 82