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अतिक्रमण का पता लगाने के लिए हैवतमऊ मवैया झील की फिर से होगी पैमाइश
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लखनऊ। सरोजनी नगर तहसील की अधूरी रिपोर्ट से फंसे हैवतमऊ मवैया झील सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट को लेकर रविवार को नगर आयुक्त ने टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सरोजनी नगर के तहसीलदार, एडीएम और सदर तहसील के एसडीएम को भी बुलाया, लेकिन ये तब पहुंचे जब नगर आयुक्त निरीक्षण कर लौट आए। अब झील पर अवैध कब्जों की पूरी रिपोर्ट और सच्चाई सामने लाने के लिए नगर आयुक्त ने फिर से झील की पूरी पैमाइश व सभी अवैध कब्जों की सूची बनाने का आदेश नगर निगम की एसडीएम को दिया है। इसके साथ ही सरोजनी नगर तहसील से भी कहा है कि वह भी जल्द अपनी पूरी रिपोर्ट दे।
केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत हैवतमऊ मवैया झील का सौंदर्यीकरण होना है। तीन साल पहले यह प्रोजेक्ट पास हुआ था। झील के पानी को साफ रखने के लिए एसटीपी भी बनना है। इसके लिए जब झील से लगे रोड साइड के तालाब के कुछ हिस्से को मिट्टी को पाटा गया तो सरोजनी नगर तहसील ने इसे अवैध बता आपत्ति लगा दी। उसके बाद करीब डेढ़ माह से काम बंद है। इस पर नगर आयुक्त अजय द्विवेदी रविवार को अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी, एसडीएम नगर निगम सविता शुक्ला, जीएम स्मार्ट सिटी एससी सिंह के साथ मौके पर गए। झील पर कब्जे को लेकर रिपोर्ट देने वाले एसडीएम सरोजनी नगर व सदर के साथ ही सरोजनी नगर के तहसीलदार को बुलाया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। सिर्फ कानून गो आया। इस पर नगर आयुक्त ने तहसील के अधिकारियों को फोन कर नाराजगी जताई। निरीक्षण करने के बाद जब नगर आयुक्त लौट आए तो सरोजनी नगर एसडीएम पहुंचे।
झील पर कब्जे ज्यादा, रिपोर्ट में सिर्फ तीन
सरोजनी नगर तहसीलदार न्यायिक मीनाक्षी द्विवेदी, एसडीएम सदर प्रफुल्ल त्रिपाठी और एसडीएम सरोजनी नगर संतोष कुुमार की रिपोर्ट में झील पर सिर्फ तीन अवैध कब्जों का उल्लेख है। बाकी कब्जों के बारे में नहीं बताया गया। इसे लेकर अब नए सिरे विस्तृत जांच के आदेश नगर आयुक्त ने दिए हैं। वहीं एसटीपी बनाने के लिए पाटी गई मिट्टी को भी अवैध बताने से करीब 20.62 करोड़ का प्रोजेक्ट शुरू होते ही फंस गया है।
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संपत्ति विभाग को दिए आदेश
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी के मुताबिक झील के कितने हिस्से पर कब्जे हैं और कितनी झील मुक्त है। इसका पता लगाने के लिए फिर से पैमाइश कर रिपोर्ट गर निगम संपत्ति विभाग को आदेश दिया है। इसके साथ ही सरोजनी नगर तहसील से भी कहा गया है वह झील पर कब्जों की पूरी रिपोर्ट दे, ताकि उसके हिसाब से आगे कार्रवाई की जाए।
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केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत हैवतमऊ मवैया झील का सौंदर्यीकरण होना है। तीन साल पहले यह प्रोजेक्ट पास हुआ था। झील के पानी को साफ रखने के लिए एसटीपी भी बनना है। इसके लिए जब झील से लगे रोड साइड के तालाब के कुछ हिस्से को मिट्टी को पाटा गया तो सरोजनी नगर तहसील ने इसे अवैध बता आपत्ति लगा दी। उसके बाद करीब डेढ़ माह से काम बंद है। इस पर नगर आयुक्त अजय द्विवेदी रविवार को अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी, एसडीएम नगर निगम सविता शुक्ला, जीएम स्मार्ट सिटी एससी सिंह के साथ मौके पर गए। झील पर कब्जे को लेकर रिपोर्ट देने वाले एसडीएम सरोजनी नगर व सदर के साथ ही सरोजनी नगर के तहसीलदार को बुलाया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। सिर्फ कानून गो आया। इस पर नगर आयुक्त ने तहसील के अधिकारियों को फोन कर नाराजगी जताई। निरीक्षण करने के बाद जब नगर आयुक्त लौट आए तो सरोजनी नगर एसडीएम पहुंचे।
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झील पर कब्जे ज्यादा, रिपोर्ट में सिर्फ तीन
सरोजनी नगर तहसीलदार न्यायिक मीनाक्षी द्विवेदी, एसडीएम सदर प्रफुल्ल त्रिपाठी और एसडीएम सरोजनी नगर संतोष कुुमार की रिपोर्ट में झील पर सिर्फ तीन अवैध कब्जों का उल्लेख है। बाकी कब्जों के बारे में नहीं बताया गया। इसे लेकर अब नए सिरे विस्तृत जांच के आदेश नगर आयुक्त ने दिए हैं। वहीं एसटीपी बनाने के लिए पाटी गई मिट्टी को भी अवैध बताने से करीब 20.62 करोड़ का प्रोजेक्ट शुरू होते ही फंस गया है।
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संपत्ति विभाग को दिए आदेश
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी के मुताबिक झील के कितने हिस्से पर कब्जे हैं और कितनी झील मुक्त है। इसका पता लगाने के लिए फिर से पैमाइश कर रिपोर्ट गर निगम संपत्ति विभाग को आदेश दिया है। इसके साथ ही सरोजनी नगर तहसील से भी कहा गया है वह झील पर कब्जों की पूरी रिपोर्ट दे, ताकि उसके हिसाब से आगे कार्रवाई की जाए।