बिजली पर बड़ी राहत देने के मूड में सरकार
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उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं से लिए जाने वाले फिक्स चार्ज को गलत बताया है।
परिषद का कहना है कि बिजली कंपनियां जिलों में समान रूप से बिजली सप्लाई नहीं कर रही हैं।
कुछ जिलों में 12 तो कुछ में 15 से 20 घंटे बिजली आ रही है। ऐसे में सभी उपभोक्ताओं पर समान रूप से फिक्स चार्ज लगाना गलत है। इस मामले में उपभोक्ता परिषद सोमवार को विद्युत नियामक आयोग में एक परिवाद दाखिल करेगी।
75 रुपये प्रतिकिलोवाट लेती हैं बिजली कंपनियां
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि कानूनन प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज वसूलना गलत है।
बिजली कंपनियां सभी से 75 रुपये प्रति किलोवाट की दर से फिक्स चार्ज वसूलती हैं।
यह चार्ज सभी जिलों के उपभोक्ताओं से एक समान लिया जाता है जबकि बिजली आपूर्ति के आधार पर यदि दरें निकाली जाएं तो उसमें भिन्नता होगी।
इसलिए लागू हुआ था फिक्स चार्ज
फिक्स चार्ज उस समय लागू हुआ था, जब पावर कॉरपोरेशन ने यह तर्क दिया था कि 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए फिक्स चार्ज जरूरी है।
उपभोक्ता परिषद ने इस मामले का वैधानिक व तकनीकी आधार पर अध्ययन किया है। इससे स्पष्ट है कि वर्तमान में जो फिक्स चार्ज की वसूली हो रही है वह गलत है।
इसे अविलंब समाप्त करने के लिए उपभोक्ता परिषद सोमवार को नियामक आयोग के समक्ष परिवाद दाखिल करेगी।
यह मांग की जाएगी कि इस बार के बिजली बिल में फिक्स चार्ज समाप्त किया जाए।