हाथ से मैला उठाने वाले सफाईकर्मियों के पुनर्वास की कवायद तेज, दिशा-निर्देश जारी
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उत्तर प्रदेश में हाथ से मैला उठाने वाले सफाईकर्मियों के पुनर्वास की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए 47 जिलों में इन सफाईकर्मियों का दोबारा सत्यापन कराया जाएगा। इस बाबत स्थानीय निकाय निदेशालय ने सभी 47 जिलों में विशेष कैंप लगाकर 15 दिनों के भीतर हाथ से मैला उठाने वालों का सत्यापन करने का दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। इसकी रिपोर्ट 15 दिन के भीतर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त विकास निगम को भेजी जाएगी।
इससे पहले केंद्र सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में प्रदेश में हाथ से मैला उठाने वालों की संख्या महज 1209 बताई गई थी। लेकिन केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने यूपी समेत 18 राज्यों में हाथ से मैला उठाने वालों की सर्वे रिपोर्ट पर असहमति जताई थी। साथ ही इन सभी राज्यों में दोबारा सर्वे कराने का निर्देश दिया था।
इसके बाद जब दोबारा सर्वे हुआ तो यूपी के 47 जिलों में ऐसे सफाईकर्मियों की संख्या 1,209 से बढ़कर 11,225 हो गई थी। केंद्र के निर्देश पर राज्य सरकार ने इस संख्या का दोबारा सत्यापन कराने का फैसला किया है। सत्यापन की रिपोर्ट 15 दिन के भीतर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। जिससे इन सफाईकर्मियों के पुनर्वास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
पुनर्वास के लिए प्रत्येक सफाईकर्मियों को देंगे 40 हजार रुपये
हाथ से मैला उठाने वाले सफाईकर्मियों को ‘हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम-2013’ के तहत इस काम से मुक्ति व अन्य रोजगार दिलाया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार प्रत्येक सफाईकर्मी को 40 हजार रुपये देगी। वहीं, खुद का रोजगार करने के इच्छुक सफाईकर्मियों को बैंकों से अनुदान पर ऋण भी मुहैया कराया जाएगा।
इन 47 जिलों में होगा हाथ से मैला उठाने वालों का सत्यापन
लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, इलाहाबाद, कौशांबी, फतेहपुर, कानपुर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, हमीरपुर, बांदा, झांसी, जालौन, ललितपुर, औरैया, इटावा, कन्नौज, कासंगज, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, रामपुर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, आगरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, अलीगढ़, हाथरस व एटा।