'मोदी के नाम पर नहीं चलने देंगे RSS का डंडा'
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रीता बहुगुणा जोशी ने शनिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। करीब डेढ़ बजे के आस-पास उनका जुलूस कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचा।
नामांकन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त जोश और उत्साह था। रीता के साथ मोती लाल बोरा, पूर्व विधायक शांति किशोर शुक्ला प्रमख रूप से मौजूद रहे।
जोशी ने इस दौरान न भाजपा पर टिप्पणी की। उन्होंने लखनऊ सीट से प्रत्याशी राजनाथ सिंह पर जमकर बोला।
भाजपा फांसीवाद लाना चाहती है
रीता ने भाजपा की जी भरकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा झूठ और पाखंड का सहारा लेकर राजनीति कर रही है।
भाजपा सांप्रदायिकता को फैलाती है। उन्होंने दावा किया इस बार भाजपा को लोग ही सबक सिखाएंगे और चुनाव में मोदी के नाम पर देश में आरएसएस का डंडा नहीं चलेगा।
रीता यहीं तक नहीं रुकीं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मैदान में कई सितारे उतारे हैं। भाजपा को लगता है कि वह इन सितारों की बदौलत जीत जाएगी लेकिन कांग्रेस तो आम जनता के भरोसे जीत हासिल करेगी। कांग्रेस एक सेकुलर पार्टी है।
राजनाथ पर क्या-क्या बोलीं रीता
रीता ने राजनाथ सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें लखनऊ की जनता से कोई सरोकार नहीं है।
वह एक बार जहां से चुनाव लड़ते हैं, दोबारा वहां नहीं जाते है और इसकी वजह यह है कि वह अपने क्षेत्र में विकास नहीं कराते हैं।
उन्होंने कहा कि राजनाथ आरएसएस के नुमाइंदे हैं। और लोगों को यह बात अच्छी तरह पता है।
रीता ने कहा, 'कांग्रेस जीत रही है और इसका आभास खुद भाजपा को भी है।'
अटल के अंगरखे पर भी उठाया सवाल
रीता ने कहा कि भाजपा वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर ज्यादा से ज्यादा वोट हासिल करना चाहती है लेकिन वह इसमें सफल नहीं होगी।
उन्होंने अटल के दिए अंगरेखे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भाजपा सच बोल रही है, तो अटल के अंगरखा देते वक्त की कोई फोटो क्यों नहीं दिखाई जाती।
जोशी ने अटल के नाम पर भावनात्मक सियासत करने का भाजपा पर अरोप भी मढ़ा।