फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Recruitment process stopped after an order from the governor

राज्यपाल ने लगाई संपूर्णानंद विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों की भर्तियों पर रोक

Sun, 29 Oct 2017 02:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 29 Oct 2017 02:01 PM IST
विज्ञापन
Recruitment process stopped after an order from the governor
राज्यपाल राम नाईक - फोटो : अमर उजाला

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही साक्षात्कारों के परिणामों की घोषणा रोकने का भी निर्देश दिया है।

विज्ञापन


राज्यपाल एवं कुलाधिपति राम नाईक ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में भर्तियों में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद यह फैसला किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी संशोधित विनियमों को परिनियमावली में शामिल कर चयन प्रक्रिया दोबारा प्रारंभ की जाए।
विज्ञापन


शैक्षिक पदों पर भर्ती के लिए नए विज्ञापन जारी करते समय स्पष्ट उल्लेख किया जाए कि जिन अभ्यर्थियों ने पहले जारी विज्ञापन पर आवेदन किया गया था उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शैक्षिक पदों पर भर्ती में अनियमितता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल ने बैठक बुलाई थी। इसमें कुलपति प्रो. यदुनाथ दुबे, राज्यपाल के सचिव चंद्रप्रकाश, विशेष कार्याधिकारी डॉ. राजवीर सिंह राठौर एवं कुलपति के विशेष कार्याधिकारी राघवेंद्र मिश्र मौजूद थे।

8 अप्रैल 2017 को जारी शासनादेश के अनुसार नए नियमों को विश्वविद्यालय परिनियमावली में शामिल करने के बाद ही भर्ती करने के आदेश थे परंतु विश्वविद्यालय पुराने नियमों से ही भर्ती कर रहा था। जिसकी शिकायत राज्यपाल से की गई थी।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में कुलसचिव, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक, उपकुलसचिव, सहायक कुलसचिव जैसे रिक्त प्रशासनिक पदों पर भर्ती के लिए राज्यपाल सचिवालय द्वारा शासन स्तर पर कार्यवाही कराए जाने का आश्वासन दिया है।

दीक्षांत समारोह की नई तिथि तय करें

बैठक में राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह की तिथि पुन: निर्धारित करने एवं मुख्य अतिथि के रूप में किसी शिक्षाविद् को आमंत्रित करने को कहा है। विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 27 अक्तूबर को होना था, परंतु शिक्षकों, कर्मचारियों तथा छात्रों की हड़ताल से यह समय पर नहीं हो सका। नाईक ने कहा कि विश्वविद्यालय में सौहार्र्दपूर्ण वातावरण बनाएं। हड़ताल करने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों से वार्ता कर उनकी वाजिब समस्याओं का निराकरण किया जाए। विश्वविद्यालय की समस्याओं के संबंध में प्रस्ताव कुलाधिपति सचिवालय को भेजा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed