फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Recovery game: Police raids with criminals

वसूली का खेल : अपराधियों के साथ पुलिस की दबिश

Sun, 03 Dec 2023 01:48 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Dec 2023 01:48 AM IST
विज्ञापन
Recovery game: Police raids with criminals
लखनऊ। कुछ पुलिसकर्मियों ने अपराधियों संग मिलकर टीम बना रखी है। ये सभी मिलकर अन्य अपराधियों को चिह्नित करते हैं। फिर छापा मारकर उनको उठाते हैं और रकम वसूलकर छोड़ देते हैं। वसूली अपराधी से होती है इसलिए मामला दबा रहता है। हसनगंज पुलिस पहले भी इस तरह के एक मामले को लेकर सवालों के घेरे में आई थी, मगर इस बार करतूत उजागर हो गई। पहले मामले में लोगों ने खदेड़ दिया था इसलिए वहां वसूली नहीं कर सके थे। इस बार व्यापारी को अगवा कर रकम लूटी और फिरौती भी मांगी।
विज्ञापन


फतेहपुर जिले के थरियांव स्थित एक हाते में चार अप्रैल को हसनगंज पुलिस ने छापा मारा था। हाते में रहने वाले लोगों ने बदमाश समझकर पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। वहां छापा मारने वाली टीम में एक दरोगा के अलावा हेड कांस्टेबल युसुफ, बर्खास्त सिपाही धीरेंद्र व बिचौलिया शेखर भी शामिल था। खुलासा हुआ था कि इनायत नाम के एक अपराधी का सत्यापन करना था। वहां दबिश का कोई निर्देश नहीं था। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने अपराधियों के साथ मिलकर दबिश दी थी।
विज्ञापन

वहां भी वसूली की साजिश थी मगर हाते वालों ने उन्हें खदेड़ दिया था। इस वजह से वह इनायत को उठा नहीं सके थे। मामले में जांच के आदेश हुए मगर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई थी। यही वजह है कि मनबढ़ पुलिसकर्मियों ने एक बार फिर वसूली के लिए व्यापारी इश्तियाक को अगवा कर लिया। मामले में अपहरण व लूट समेत अन्य धाराओं में दर्ज एफआईआर में जो सात नामजद आरोपी हैं, उसमें से हेड कांस्टेबल यूसुफ, बर्खास्त सिपाही धीरेंद्र व शेखर फतेहपुर में दबिश देने वाली टीम में भी शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

दरअसल अपराधी व पुलिसकर्मियों की ये वसूली टीम अपराधियों को ही निशाना बनाती है। क्योंकि उनको भरोसा रहता है कि वह पुलिस में शिकायत नहीं करेगा। इसलिए वह उनको उठाकर जेल भेजने की धमकी आदि देकर वसूली करते हैं। इस बार भी जिस कपड़ा व्यापारी इश्तियाक को उठाया, उस पर चोरी के केस दर्ज हैं। किसी के जरिये इसकी जानकारी हुई और उसे आजमगढ़ से उठा लिया। रकम लूटी और रंगदारी वसूलने का प्रयास भी किया। मगर इश्तियाक ने पुलिस से शिकायत कर दी। जिससे गिरोह का भंडाफोड़ हो गया।

शुक्रवार को मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को हुई थी। जिसके बाद जांच के आदेश हुए। जब आरोपियों को लगा कि मामले में कार्रवाई हो जाएगी तो शनिवार को आरोपी शेखर ने एक वीडियो बयान जारी किया। जिसमें उसने कहा कि मैंने अपहरण आदि की जो सूचना दी थी वह झूठी है। शराब के नशे में आपस में विवाद हुआ था। दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया है। इस वीडियो बयान से शेखर पर शक गहरा गया था। कुछ घंटे में उसकी पूरी भूमिका उजागर हो गई। शेखर ने वीडियो इसलिए जारी किया, क्योंकि उसे पता था कि अगर एफआईआर हुई तो वह भी जद में आएगा।


वारदात के दिन इश्तियाक ने तहरीर दे दी थी। लेकिन, उसके बारे में पुलिस को कुछ पता नहीं था। तहरीर में उसका मोबाइल नंबर भी नहीं लिखा था। बिजनौर पुलिस की मदद से लखनऊ पुलिस ने उससे संपर्क किया। तब पता चला कि इश्तियाक बहुत डरा हुआ है। दरअसल आरोपियों ने घटना के बाद उसे डरा-धमकाकर बिजनौर भेज दिया था। इसलिए वह सामने नहीं आ रहा था। आरोपियों ने उसे जेल भेजने की धमकी दी थी। कहा था- एनकाउंटर भी हो सकता है।

कुछ वक्त पहले इश्तियाक लखनऊ आया था। आरोपियों को इश्तियाक के आपराधिक इतिहास के बारे में पता था। उनमें से किसी एक ने इश्तियाक से मुलाकात की। उससे कहा था कि वह उनसे मिलकर ही जाएगा। मगर इश्तियाक बिना मिले चला गया। इसलिए लोकेशन लेकर उसे आजमगढ़ से अगवा कर लिया। उम्मीद थी कि उसके पास से तीन से चार लाख रुपये मिल जाएंगे मगर ऐसा नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed