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ब्राइटलैंड कॉलेज की मान्यता खत्म होगी, दो हजार बच्चों के भविष्य पर मंडराया संकट

Tue, 23 Jan 2018 10:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 23 Jan 2018 10:26 AM IST
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Recognition of Brightland College will end
ब्राइटलैंड कॉलेज - फोटो : amar ujala
कक्षा एक के छात्र रितिक पर हुए चाकू से हमले के मामले में शिक्षा विभाग ने त्रिवेणी नगर स्थित ब्राइटलैंड कॉलेज की मान्यता खत्म करने की संस्तुति कर दी है। कॉलेज में सुरक्षा और शिक्षण को लेकर कई अनियमितताएं मिली हैं।
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डीआईओएस ने रिपोर्ट अपर सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेज दी है। संस्तुति से नर्सरी से इंटर तक के दो हजार बच्चों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है।

16 जनवरी को रितिक पर कक्षा सात की छात्रा ने कॉलेज के टॉयलेट में चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। कॉलेज प्रबंधन ने मामला 24 घंटे तक छिपाए रखा। गुरुवार को जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने आंग्ल भाषा निरीक्षक रीता सिंह और राजकीय हुसैनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य हरिशचंद्र चक की सदस्यता में जांच कमेटी का गठन किया।
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कॉलेज से मान्यता, बैंक खाता, भू-स्वामित्व, भवन का नक्शा, पीटीए बैठक का ब्योरा समेत कई बिंदुओं पर दस्तावेज मांगे गए थे। जांच में कॉलेज में अनियमिताएं मिली हैं। प्रथम दृष्टिया कॉलेज को मामला छिपाने और सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया।
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डीआईओएस ने बताया कि कॉलेज में नियम विरुद्ध कक्षाएं चलाई जा रही हैं। शिक्षण कक्षा व प्रयोगशालाएं मानक के अनुसार नहीं हैं। उन्होंने बताया कि कॉलेज की मान्यता खत्म करने की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट अपर सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेज दी है।

सुरक्षा के मानकों पर खरा नहीं उतरा

Recognition of Brightland College will end
छात्रा के हमले में घायल बच्चा (फाइल फोटो)। - फोटो : amar ujala

प्रथम दृष्टिया कॉलेज सुरक्षा के मानक पर खरा नहीं उतरा। प्रबंधन ने 70 सीसीटीवी कैमरे होने का दावा किया था। परिसर के जिस भाग में कक्षाएं चल रही हैं वहां 64 कैमरे लगे होने का दावा किया गया था। लेकिन जांच में कई कैमरे बंद पाए गए।

टॉयलेट के आसपास न तो कैमरा था और न ही कोई अटेंडेंट नियुक्त था। छोटे बच्चों की कक्षाएं दूसरे तल पर लग रही हैं, जो नियमानुसार भूतल पर चलनी चाहिए। घटना भी दूसरे तल पर हुई थीं।

मान्यता के विपरीत चल रहीं कक्षाएं
कॉलेज को बेसिक शिक्षा परिषद और यूपी बोर्ड से एक-एक सेक्शन की मान्यता मिली है। जबकि प्रबंधन तीन-तीन सेक्शन चला रहा है। कॉलेज की प्रयोगशाला भी मानक अनुसार नहीं मिली। तीन और चार की कक्षाएं पास में ही अलग भवन में चल रही हैं।

नियम विरुद्ध चल रहा सर्टिफिकेट कोर्स
कॉलेज को इंटर तक की मान्यता है, लेकिन उसमें सर्टिफिकेट कोर्स भी चल रहा है। कॉलेज एनटीटी कोर्स की पढ़ाई कराता है, जो इंटर उत्तीर्ण छात्रों के लिए है। कोर्स डिग्री सेक्शन में चलता है। कॉलेज इंटर सेक्शन में इसकी कक्षाएं शाम को चला रहा है। इसके अलावा कॉलेज के भवन पर तीन नाम से बोर्ड लगे हैं। मान्यता ब्राइटलैंड इंटर कॉलेज के नाम से मिली जबकि कॉलेज ब्राइटलैंड स्कूल और ब्राइटलैंड कॉलेज के नाम से संचालित है।

घटना को छिपाना भी कॉलेज की लापरवाही
डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि कॉलेज में नियम के विपरीत कक्षाएं चल रही हैं। प्रयोगशालाएं और शिक्षण कक्षा से संबंधित अनियमितताएं मिली हैं। वहीं घटना को छिपाना भी कॉलेज की लापरवाही है। सुरक्षा के बंदोबस्त भी कम मिले। जांच रिपोर्ट के आधार पर मान्यता खत्म करने की संस्तुति कर दी है।

कॉलेज में हंगामे के आसार, पुलिस अलर्ट

Recognition of Brightland College will end

ब्राइटलैंड कॉलेज की मान्यता खत्म करने की संस्तुति से नर्सरी से इंटर तक के दो हजार बच्चों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। मान्यता को लेकर मंगलवार को अभिभावकों द्वारा हंगामे की आशंका के चलते पुलिस अलर्ट हो गई है। यदि कॉलेज की मान्यता खत्म हो गई तो नए सत्र में अभिभावकों को दूसरे विद्यालयों में बच्चों को प्रवेश दिलाने को मजबूर होना पड़ेगा।

ब्राइटलैंड कॉलेज में यूपी बोर्ड से इंटर तक की कक्षाओं के साथ ही नर्सरी, लोअर और अपर केजी की कक्षाएं भी चलती हैं। जूनियर तक हर कक्षा में तीन-तीन सेक्शन हैं। कुल मिलाकर यहां करीब दो हजार बच्चे हैं। शासन यदि कॉलेज की मान्यता खत्म करता है तो सभी बच्चों के सामने नए विद्यालय में प्रवेश लेकर पढ़ने की चुनौती खड़ी जाएगी।

उधर,  मान्यता खत्म करने की संस्तुति की जानकारी कॉलेज प्रबंधन को मिल गई है। प्रबंधन ने विधि परामर्श लेना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि कॉलेज प्रबंधन कोर्ट की शरण में जाने वाला है। कोर्ट में निर्णय को लेकर याचिका दायर कर अपना पक्ष रखेगा।

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