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यूपी की सड़कों के 'जख्म' दूर क्यों नहीं कर पाए योगी, ये हैं मुख्य वजहें

Thu, 15 Jun 2017 03:46 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Thu, 15 Jun 2017 03:46 PM IST
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reasons why up roads are not pothole free on given time
योगी आद‌ित्यनाथ

प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए राज्य सरकार संबंधित विभागों को 15 दिन की मोहलत और देगी। इस अभियान के तहत अभी तक 60 फीसदी सड़कों के ही दुरुस्त हो पाने के चलते यह फैसला किया गया है। 

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हालांकि, इसकी औपचारिक घोषणा होनी बाकी है। योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही 15 जून तक अभियान चलाकर सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया था, पर बुधवार शाम तक महज 73631.79 किलोमीटर सड़कें ही गड्ढामुक्त हो सकी हैं। चूंकि यह विभागीय आंकड़ा है, इसलिए सूत्रों का कहना है कि हकीकत में दुरुस्त की गई सड़कों की लंबाई कम भी हो सकती है। 
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लोक निर्माण विभाग की ओर से बुधवार शाम जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि उसे कुल 85160 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढामुक्त करना था, जिसमें से 67858 किलोमीटर सड़कें वह गड्ढामुक्त कर चुका है।
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हालांकि, पीडब्ल्यूडी अपनी 80 फीसदी सड़कों को गड्ढामुक्त कर चुका है, पर पंचायतीराज विभाग, मंडी परिषद, गन्ना विभाग और नगर निकायों की प्रगति काफी कम होने के कारण गड्ढामुक्त हुई सड़कों का कुल प्रतिशत घट गया। 

इन परिस्थितियों में राज्य सरकार ने फैसला किया है कि सभी विभागों को शत-प्रतिशत सड़कें चलने लायक बनाने के लिए 30 जून तक का समय दिया जाए। 

लापरवाह अफसर भी दोषी

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डेमो प‌िक - फोटो : अमर उजाला

15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य मिलने पर पीडब्ल्यूडी ने इस अभियान को तीन हिस्सों में बांटा था। इसके तहत 44333 किलोमीटर लंबी सड़कों में पैच मरम्मत, 28457 किलोमीटर लंबी सड़कों में साधारण पैच मरम्मत के साथ लेपन और 13151 किलोमीटर लंबी सड़कों को पूरी तरह से ध्वस्त बताया गया। 

अधिकारियों ने सरकार के सामने रखी कार्ययोजना में निर्धारित तिथि तक सभी सड़कों को दुरुस्त कर देने का वादा किया। अभियान के बीच में ही उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कराए गए कामों का विभिन्न एजेंसियों और अन्य विभागों के इंजीनियरों से सत्यापन कराने की घोषणा भी की।
 
इससे इंजीनियरों में खलबली मच गई। दरअसल वे मानकर चल रहे थे कि 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की जोनवार रिपोर्ट भेज देंगे और उसके बाद मानसून आ जाएगा। चूंकि इस साल मौसम विभाग ने मानसून अच्छा रहने की भविष्यवाणी की है, इसलिए प्रदेश के 38 जिलों में सड़कों पर पानी आना भी तय है। 

ऐसे में यह बहाना आसानी से बनाया जा सकता था कि पानी आया और सड़क पर फिर गड्ढे हो गए। लेकिन, काम के सत्यापन के लिए टीम भेजने पर स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि भी सच्चाई सामने रख देंगे।

यही वजह है कि शुरुआत में सीएम के सामने सही स्थिति न रखने वाले अधिकारियों ने समीक्षा के डर से हाथ खड़े कर दिए। 

यूं भी गड़बड़ाए आंकड़े

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डेमो प‌िक
पीडब्ल्यूडी ने गड्ढामुक्त अभियान में शामिल सड़कों के आंकड़े को संशोधित किया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि झांसी मंडल ने शुरुआत में जो रिपोर्ट भेजी थी, उसमें 2.4 किलोमीटर लंबी सड़क को 2400 किलोमीटर दिखा दिया। 

ऐसा प्रिंटिंग में गलती के कारण हुआ। जब यह गलती पकड़ में आई तो विशेष मरम्मत की श्रेणी में जहां पहले 13151 किलोमीटर लंबी सड़कें शामिल थीं, वो घटकर 10116 किलोमीटर रह गईं। इसके अलावा मध्य जोन समेत कई जोन के अभियान में कुछ और सड़कों को भी जोड़ा गया है। 

इस तरह से संशोधित आंकड़ों के अनुसार अब कुल 85160.63 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाना है। इसमें से 50484 किलोमीटर सड़कें पैच मुक्त, 24559.11 किलोमीटर सामान्य मरम्मत और 10116.75 किलोमीटर लंबी सड़कें विशेष मरम्मत के साथ लेपन की श्रेणी में रखी गई हैं।
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