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कहीं इसलिए तो नहीं बरसने लगी कुशवाहा पर कृपा

Sun, 01 Sep 2013 11:14 PM IST
लखनऊ/अखिलेश वाजपेई
लखनऊ/अखिलेश वाजपेई Updated Sun, 01 Sep 2013 11:14 PM IST
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reason behind the kushwaha relief

एनआरएचएम घोटाले में जेल में बंद पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा का जन अधिकार मंच कांग्रेस व बसपा की पोल खोलने के लिए 25 अगस्त को प्रदेश में ‘जन अधिकार संदेश यात्रा’ शुरू करता है।

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मंच के पदाधिकारी घोषणा करते हैं कि यात्रा के दौरान बसपा व कांग्रेस की पोल खोली जाएगी। लोगों से आने वाले लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को वोट व समर्थन की अपील की जाएगी।
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उधर, बाबू सिंह को दूसरी बार लखनऊ के पीजीआई लाने का फैसला हो जाता है। इन दो फैसलों का संयोग सवालों के घेरे में आ गया है। प्रदेश के सभी 75 जिलों से होती हुई जन अधिकार संदेश यात्रा 25 अक्तूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर समाप्त होगी।
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राजनीतिक गलियारों में इसे संयोग के बजाय तरह-तरह के नाम दिए जा रहे हैं। कोई इसे लेनदेन की सियासत कह रहा है।

यह सवाल उठाने वालों का तर्क है कि कुशवाहा पर सरकार की कृपा के पीछे इस यात्रा की भी कहीं न कहीं कोई भूमिका जरूर है। कोई तर्क दे रहा है कि सपा और कुशवाहा के बीच नजदीकी की वजह दोनों की बसपा से एक जैसी दुश्मनी का संयोग है।

किसी को इसमें लोकसभा चुनाव के लिए सपा के वोटों के इंतजाम की रणनीति दिखाई दे रही है तो कोई इसे कुशवाहा फैमिली के राजनीतिक संरक्षण की कोशिश बता रहा है।

इनका तर्क है कि कुशवाहा की पत्नी शिवकन्या और भाई शिवशरण कुशवाहा का पहले ही सपा में शामिल होना इसका प्रमाण है।

पर, इनके दावे कुछ और
यात्रा का संचालन करने वाले आईपी कुशवाहा और जन अधिकार मंच के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव मौर्य इस यात्रा को अधिकार विहीन अति पिछड़ी व अति दलित जातियों को अधिकार दिलाने की मुहिम नाम देते हैं।

यात्रा के लिए बांटी जा रही जन अधिकार मंच के संस्थापक बाबू सिंह कुशवाहा की अपील में इस यात्रा को अति पिछड़ों, अति दलितों, पसमांदा, अल्पसंख्यकों और प्रत्येक जाति के गरीब को लामबंद करने का अभियान नाम दिया गया है।


इन बातों का मतलब तो सियासी ही है
दावे चाहे जो किए जा रहे हों लेकिन पूरी यात्रा के कार्यक्रम पर नजर डालें तो सियासी मकसद का सवाल उठना स्वाभाविक लगता है।

आयोजकों के बयानों में ही कहा गया है कि यात्रा का मकसद कांग्रेस को हॉफ व बसपा को साफ करना है। लोगों को बताया जाएगा कि कांग्रेस व बसपा ने साजिश करके निर्दोष कुशवाहा को जेल में डलवाया।

जिसके लिए अति पिछड़ों, अति दलितों व अल्पसंख्यकों को इन दोनों दलों को सबक सिखाना चाहिए। आह्वान किया जाएगा कि चुनाव में कांग्रेस व बसपा को हराएं।

समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को वोट व समर्थन दें। इन बयानों के बाद यात्रा के सियासी मकसद की बात उठना स्वाभाविक ही है।

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