सात लाख रुपये के झगड़े में हुई पूर्व भाजपा विधायक के बेटे की हत्या, ये है पूरा मामला
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हाई सिक्योरिटी जोन हजरतगंज में भाजपा के पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश उर्फ जिप्पी तिवारी के इकलौते बेटे वैभव उर्फ विभू की हत्या सात लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में की गई थी। पुलिस की पूछताछ में हत्या आरोपी सूरज शुक्ला के पिता व सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी संतोष शुक्ला ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि डेढ़ साल से रुपये के लेनदेन को लेकर सूरज व वैभव में तनातनी थी। उन्होंने बेटे को रुपये भूल जाने के लिए भी कहा था, लेकिन वह नहीं माना और अनहोनी हो गई। वारदात के बाद शनिवार रात ही हजरतगंज पुलिस ने संतोष व उनके भाई को पकड़ लिया था।
इंस्पेक्टर आनंद कुमार शाही के मुताबिक, सूरज के पिता संतोष ने पूछताछ में बताया कि सूरज व वैभव बचपन के दोस्त हैं और उन्होंने एक साथ ही प्रॉपर्टी का कारोबार शुरू किया था। करीब सात साल पहले अर्जुनगंज में दोनों ने मिलकर एक जमीन खरीदी और प्लॉटिंग का काम शुरू किया। हालांकि, किसी बात को लेकर तनातनी के बाद दोनों अलग हो गए।
जमीन का भी बंटवारा हो गया, लेकिन कई प्लॉट ऐसे थे जिनका सूरज व वैभव दोनों ने सौदा कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच तनातनी शुरू हो गई तो आपस के लोगों ने ही पंचायत कराई। इसके बाद वैभव पर सूरज की सात लाख रुपये देनदारी बन रही थी। संतोष का कहना है कि वैभव यह रकम नहीं दे रहा था। इस बीच सूरज आर्थिक रूप से काफी परेशान हो गया। तगादे पर वैभव टाल देता था। कई बार दोनों के बीच झगड़े तक की नौबत आ गई। सूरज के परिवारीजनों ने झगड़े से दूर रहने व रकम भूल जाने की सलाह दी, लेकिन वह नहीं माना।
तगादे के लिए ही कसमंडा हाउस पहुंचा था
शनिवार रात वह फिर तगादे के लिए नरही निवासी हिस्ट्रीशीटर साथी विक्रम सिंह को लेकर वैभव से मिलने कसमंडा हाउस अपार्टमेंट पहुंचा, जहां दोनों पक्ष में झगड़ा हुआ। इस दौरान ही विक्रम ने पिस्टल से गोली मारकर वैभव की हत्या कर दी। इंस्पेक्टर ने बताया कि सूरज के पिता, चाचा सहित अन्य परिवारीजनों को पकड़कर उसके बारे में जानकारी ली जा रही है। विक्रम की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
आशियाना व रविवार को रायबरेली-बंथरा में मिली लोकेशन
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शनिवार रात करीब नौ बजे वैभव की हत्या के बाद सूरज और विक्रम काली सफारी से भाग निकले। पुलिस ने दोनों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए तो रात 10.35 बजे उनकी लोकेशन आशियाना में मिली। इसके बाद रात करीब 12 बजे दोनों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गए। रविवार सुबह दोनों के मोबाइल फिर कुछ देर के लिए ऑन हुए। सूरज की लोकेशन रायबरेली में मिली जबकि विक्रम की बंथरा में।
पुलिस का मानना है कि दोनों एक साथ ही किसी परिचित के पास आशियाना गए और वहां से अलग-अलग चले गए। विक्रम के बंथरा के बॉर्डर पर उन्नाव में किसी जगह होने की आशंका है। क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और हजरतगंज कोतवाली सहित पुलिस की कई टीमें दोनों की तलाश में लगी हैं।
पिता को फोन कर बोला सूरज, कैश-जेवर हटा लो, पुलिस ने बरामद किया 30 लाख कैश
सूरज अर्जुनगंज के खुर्दही बाजार में रहता है। परिवार में पिता संतोष, मां, पत्नी के अलावा दो साल का बेटा रुद्राक्ष है। पिता सेना से रिटायर्ड हैं और सब्जी मसाले का थोक का कारोबार करते हैं। सूरज ने हुसैनगंज के एक होटल मालिक की बेटी से लव मैरिज की थी।
इंस्पेक्टर के अनुसार, संतोष ने बताया कि हत्या के बाद घटनास्थल से भागते हुए सूरज ने फोन कर वारदात की जानकारी दी। उसने बताया कि वैभव से झगड़ा हुआ और विक्रम ने उसे गोली मार दी। सूरज ने कहा कि घर पर जितना भी कैश व जेवर रखे हैं, तुरंत हटा दो। पुलिस किसी भी वक्त आ सकती है। इसके बाद परिवारीजनों ने काफी सामान हटा दिया था।
विक्रम ने मां से कहा, विधायक के बेटे को मार दिया, भाग जाओ
नरही निवासी विक्रम ने अपनी मां व सीबीसीआईडी की रिटायर्ड दरोगा सावित्री सिंह को कॉल कर बताया कि विधायक के बेटे को गोली मार दी है। जल्दी से घर छोड़कर भाग जाओ। उसकी बातों ने सावित्री के पैरों तले जमीन खिसका दी। वह तुरंत घर पर ताला लगाकर गायब हो गईं। विक्रम के घर पर सावित्री के अलावा एक पालतू कुत्ता ही है। सावित्री ने भागने से पहले कुत्ते को एक रिश्तेदार के सुपुर्द कर दिया था। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
चौबीस घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली, एसटीएफ भी लगी
हत्याकांड में चौबीस घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को भी लगा दिया है। पुलिस और एसटीएफ के संयुक्त ऑपरेशन में चार टीमें रायबरेली, उन्नाव और कानपुर भेजी गई हैं। हालांकि, रविवार रात तक सूरज और विक्रम का कोई सुराग नहीं मिल सका था।
लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर मौत के घाट उतारे गए रमवापुर जगतराम के युवा प्रधान व पूर्व विधायक के पुत्र वैभव तिवारी का रविवार को अयोध्या में सरयू तट पर अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस के कई जनप्रतिनिधि व दिग्गज नेता मौजूद रहे। इकलौते बेटे वैभव की चिता को जब पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी ने मुखाग्नि दी तो हर किसी की आंखें डबडबा गई।
रमवापुर जगतराम के प्रधान वैभव उर्फ छोटू तिवारी भनवापुर ब्लॉक में सबसे युवा प्रधान थे। वर्ष 2015 में चुनाव के समय उनकी उम्र महज 27 वर्ष थी। कुल सात उम्मीदवारों के बीच सर्वाधिक 216 मत प्राप्त कर वैभव ने शिवकुमार (149) को करारी शिकस्त दी थी। युवा वैभव की उम्र का असर काम-काज और सक्रियता पर भी साफ दिख रहा था।
भनवापुर ब्लॉक के सबसे युवा प्रधान थे वैभव।
रमवापुर जगतराम के प्रधान वैभव उर्फ छोटू तिवारी भनवापुर ब्लॉक में सबसे युवा प्रधान थे। वर्ष 2015 में चुनाव के समय उनकी उम्र महज 27 वर्ष थी। कुल सात उम्मीदवारों के बीच सर्वाधिक 216 मत प्राप्त कर वैभव ने शिवकुमार (149) को करारी शिकस्त दी थी। युवा वैभव की उम्र का असर काम-काज और सक्रियता पर भी साफ दिख रहा था।
विक्रम ने मां से कहा, विधायक के बेटे को मार दिया, भाग जाओ
नरही निवासी विक्रम ने अपनी मां व सीबीसीआईडी की रिटायर्ड दरोगा सावित्री सिंह को कॉल कर बताया कि विधायक के बेटे को गोली मार दी है। जल्दी से घर छोड़कर भाग जाओ। उसकी बातों ने सावित्री के पैरों तले जमीन खिसका दी। वह तुरंत घर पर ताला लगाकर गायब हो गईं।
पिता ने दर्ज कराई रिपोर्ट
इंस्पेक्टर हजरतगंज आनंद कुमार शाही ने बताया कि बेटे को हत्या से बेहद दुखी पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश उर्फ जिप्पी तिवारी ने गोसाईगंज के खुर्दही बाजार अर्जुनगंज निवासी प्रॉपर्टी डीलर सूरज शुक्ला और पार्क रोड निवासी हिस्ट्रीशीटर विक्रम सिंह पर शनिवार रात अपने बेटे वैभव तिवारी (31) की हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया।