फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   reason behind azam khan reaction

सपा के सबसे ताकतवर मंत्री लाचार तो बाकी का क्या?

Fri, 29 Nov 2013 11:04 AM IST
अखिलेश वाजपेयी/लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी/लखनऊ Updated Fri, 29 Nov 2013 11:04 AM IST
विज्ञापन
reason behind azam khan reaction

मो. आजम खां को फिर गुस्सा आ गया। इस बार उनके निशाने पर वित्त विभाग आया है, जिसे बतौर कैबिनेट मंत्री मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद संभाल रहे हैं।

विज्ञापन


नाराजगी का कारण बकौल आजम गाजियाबाद में बनने वाले हज हाउस के लिए वित्त विभाग द्वारा समय से धन न देना और अनावश्यक अड़ंगेबाजी डालना है।

आजम ने ऐलान कर दिया है कि हज कमेटी अब हज हाउस बनाने की इच्छुक नहीं है। अच्छा है कि हज हाउस की इमारत को जमीन सहित किसी दूसरे काम में ले लिया जाए।

आजम के रूठने व मानने की घटनाओं ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि जिसे लोग सरकार का सबसे प्रभावी व काम कराने वाला मंत्री मानते हैं, अगर वही इतना अधिक लाचार है तो औरों का क्या होगा।
विज्ञापन


पढ़ें-अब खत में आजम ने रोया दुखड़ा!
विज्ञापन
विज्ञापन


वरिष्ठ पत्रकार अवधेश कुमार के मुताबिक, आजम यह दिखाना चाहते हैं कि मुस्लिमों के हितों के लिए वे सरकार से किस तरह लड़ रहे हैं।

मंशा यह नहीं कि मुस्लिम वोट सपा को मिले, बल्कि कोशिश यह है कि लोग उन्हें ही अपना रहनुमा मानते रहें। भले ही मौलाना बुखारी व सपा के अन्य मुस्लिम नेता उनको महत्व न देते हों।


मौका चाहे सरकार बनने के बाद महीने भर के भीतर मुख्यमंत्री के सरकारी निवास 5 कालिदास मार्ग पर आयोजित रोजा इफ्तार का हो अथवा संगठन की अन्य बैठकों या आयोजनों का।

आजम कभी इनमें न जाकर अपनी नाराजगी को जगजाहिर करते रहे तो कभी चिट्ठी लिखकर अपने गुस्से का इजहार किया।

विहिप नेताओं से मुलाकात पर गुस्सा
ज्यादा पीछे न जाएं तो अभी हाल ही आजम बनाम उनके स्टाफ का झगड़ा पूरी सरकार के लिए मुसीबत बना रहा। इस झगड़े की जड़ में भी आजम का गुस्सा ही था।

दो महीने पहले विहिप के नेताओं व सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मुलाकात पर भी आजम का गुस्सा सार्वजनिक हुआ था।

पढ़ें-तो ये है आजम खां की नाराजगी की वजह

उन्होंने यह संकोच भी नहीं किया कि निशाने पर उनके नेताजी हैं। कहा था, ‘जो लोग बाबरी मस्जिद की शहादत के दोषी हैं, उनसे मुलाकात करने का क्या औचित्य।’

कभी कैबिनेट का बहिष्कार तो कभी बैठकों का
आजम ने न तो कभी अपने गुस्सा को दबाया और न छिपाया। किसी बात पर नाराज होकर वे कैबिनेट की कई बैठकों में नहीं गए तो आगरा में हुए अधिवेशन का भी बहिष्कार कर दिया।

मुजफ्फरनगर कांड पर वे इतने नाराज हो गए कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में ही शामिल नहीं हुए, जिससे सरकार की भद्द पिट गई।

सरकार ने उनसे मेरठ का प्रभार लेकर दूसरे मंत्री को सौंप दिया तो नाराज आजम ने सरकार के खिलाफ आरपार के लिए उतरने में देर नहीं लगाई।

उन्होंने मुख्यमंत्री को एक चिट्ठी लिखकर अपने त्यागपत्र की पेशकश कर दी। आजम ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पर आरोप लगाया कि वे मजहब के आधार पर काम करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed