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सामने आया मजदूरों की मौत का सच
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 27 Jul 2013 09:35 AM IST
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बीती मंगलवार को छावनी स्थित सेना की पुरानी चांदमारी रेंज का टीला ढहने की घटना वहां चल रहे खनन के कारण हुई थी।
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इस हादसे में बचने वाले रज्जन ने सेना के सामने खनन को लेकर एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। अब सेना रज्जन से खनन के लिए मचलखेड़ा गांव से सात मजदूरों को ले जाने वाले व्यक्ति की शिनाख्त कराएगी।
अब तक पुलिस बता रही थी कि टीले में मारे गए सभी पांच मजदूर वहां राइफल से निकली गोलियां बिनने गए थे।
जबकि हादसे में बचने वाले रज्जन ने सेना के सामने खुलासा किया कि उन लोगों को एक ठेकेदार मिट्टी खोदने के लिए ले गया था।
इसके लिए 200 रुपये की मजदूरी तय हुई थी। सभी सात लोगों को फावड़ा और डलिया ठेकेदार ने ही दिया था। टीले की मिट्टी खोदने पर ठेकेदार यह कहकर चला गया कि वह अभी ट्रैक्टर ट्राली लेकर आएगा।
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खोदी गई मिट्टी को उसमें भरना होगा। दोपहर 12:30 बजे सभी मजदूरों को पूड़ी सब्जी भी लाकर खिलाएगा। मिट्टी की खोदाई करते समय दोपहर करीब 12:15 बजे यह हादसा हो गया।
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सेना अब उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जो खनन के लिए मचलखेड़ा से सात मजदूरों को बुलाकर ले गया था।
मिला सहायता चेक
सांसद सुशीला सरोज ने शुक्रवार को मचलखेड़ा जाकर सभी पांच मृतकों के परिवारीजनों को डेढ़ लाख रुपये का चेक प्रदान किया। इसके अलावा मचलखेड़ा गांव को जनेश्वर मिश्र समग्र विकास योजना में शामिल करने की भी बात कही।