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Lucknow News: रियल टाइम खतौनी से बढ़ेगी सहूलियतें, 19 कॉलम की मिलेगी खतौनी
Sat, 27 May 2023 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 27 May 2023 12:17 AM IST
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रायबरेली। जमीनों की खतौनियों को लेकर सरकार रियल टाइम खतौनी लागू करेगी। इसके लिए जिले में काम शुरू हो गया है। सदर तहसील में पुरानी खतौनियों के दस्तावेज को नया कराया जा रहा है। पहले 13 कॉलम की खतौनी मिलती थी, लेकिन अब लोगों की 19 कॉलम की खतौनी मिलेगी। 31 जुलाई तक पुराने दस्तावेजों को दुरुस्त करने के बाद नई व्यवस्था लागू होगी। भूमि का बैनामा कराने के बाद खतौनी पर नाम चढ़वाने के लिए लोगों को चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सदर तहसीलदार अनिल पाठक ने बताया कि सरकार जल्द ही रियल टाइम खतौनी व्यवस्था लागू करने वाली है। इसके लिए खतौनियों से संबंधित पुराने दस्तावेजों को दुरुस्त कराया जा रहा है। 19 कॉलम की खतौनियों के रजिस्टर तैयार कराए जा रहे हैं। 31 जुलाई तक खतौनी से जुड़ी सभी खामियां दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगोंं को जमीन का बैनामा कराने के बाद खतौनी में नाम दर्ज कराने में भी बड़ी सहूलियतें मिलेंगी।
संपत्ति का बैनामा कराने के बाद नामांतरण के लिए विलेख की एक प्रति तहसील चली जाती है। तहसील में 45 दिनों में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। यानी विक्रेता का नाम काटकर क्रेता का नाम चढ़ता है। इसके बाद अमल दरामद के लिए फाइल जाती है और खतौनी में नाम चढ़ने पर भी दो से तीन महीने का समय लग जाता है। रियल टाइम खतौनी व्यवस्था लागू होने के बाद बैनामा होने के बाद उलझाऊ प्रक्रिया से निजात मिल जाएगी।
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सदर तहसीलदार अनिल पाठक ने बताया कि सरकार जल्द ही रियल टाइम खतौनी व्यवस्था लागू करने वाली है। इसके लिए खतौनियों से संबंधित पुराने दस्तावेजों को दुरुस्त कराया जा रहा है। 19 कॉलम की खतौनियों के रजिस्टर तैयार कराए जा रहे हैं। 31 जुलाई तक खतौनी से जुड़ी सभी खामियां दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगोंं को जमीन का बैनामा कराने के बाद खतौनी में नाम दर्ज कराने में भी बड़ी सहूलियतें मिलेंगी।
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संपत्ति का बैनामा कराने के बाद नामांतरण के लिए विलेख की एक प्रति तहसील चली जाती है। तहसील में 45 दिनों में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। यानी विक्रेता का नाम काटकर क्रेता का नाम चढ़ता है। इसके बाद अमल दरामद के लिए फाइल जाती है और खतौनी में नाम चढ़ने पर भी दो से तीन महीने का समय लग जाता है। रियल टाइम खतौनी व्यवस्था लागू होने के बाद बैनामा होने के बाद उलझाऊ प्रक्रिया से निजात मिल जाएगी।
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