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चंदौसी विधानसभा सीट का हाल: भितरघात से भी निपटना होगा मंत्री गुलाब देवी को, विरोध के स्वर थमे पर चुनौती बरकरार
Sat, 05 Feb 2022 03:05 AM IST
ishwar ashish
दुष्यंत कुमार, अमर उजाला, चंदौसी
दुष्यंत कुमार, अमर उजाला, चंदौसी
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 05 Feb 2022 03:05 AM IST
सार
चंदौसी सीट पर मंत्री गुलाब देवी को प्रत्याशी बनाए जाने पर विरोध के स्वर तो थम गए हैं पर उनकी असली चुनौती अब भी बरकरार है। सपा ने विमलेश कुमारी पर विश्वास जताया है।
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भाजपा: गुलाब देवी, सपा-रालोद: विमलेश कुमारी, कांग्रेस: मिथलेस, बसपा : रणविजय सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
संभल जनपद की चंदौसी सुरक्षित विधानसभा सीट पर चार बार की विधायक और योगी सरकार में राज्यमंत्री गुलाब देवीे को इस बार विरोधियों के साथ-साथ अपनों की भी चुनौती से निपटना होगा। गुलाब देवी को जब भाजपा नेे प्रत्याशी घोषित किया, तो कुछ भाजपाइयों ने खुलकर इसका विरोध किया था। हालांकि, विरोध के स्वर अब थम गए हैं।
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सपा ने विमलेश कुमारी पर विश्वास जताया है। पिछले चुनाव में विमलेश कांग्रेस के टिकट पर सपा-कांग्रेस की संयुक्त प्रत्याशी थीं। कांग्रेस ने इस सीट से मिथलेश कुमारी को मैदान में उतारा है तो बसपा ने रणविजय सिंह को। आजाद समाज पार्टी से रविंद्र कुमार, तो आम आदमी पार्टी से सचिन कुमार ताल ठोक रहे हैं। इनके अलावा पांच अन्य प्रत्याशी भी मैदान में हैं। विधानसभा क्षेत्र में बिजली की जर्जर लाइन, टूटी सड़कें, चंदौसी के मंडी समिति फाटक पर अंडरपास, नगर क्षेत्रों में जलनिकासी की समस्याएं प्रमुख हैं। पर, चुनाव के नजदीक आते-आते इन मुद्दों का शोर कम होता जा रहा है।
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मुद्दों पर बंटे हुए हैं मतदाता
चंदौसी में चुनावी बयार कैसे बह रही है, यह जानने के लिए हम नगर की आदर्शनगर कॉलोनी पहुंचे। चुनावी माहौल पर चर्चा छिड़ते ही यहां मिले सौरभ गुप्ता कहते हैं, हमारे क्षेत्र में विकास के कई कार्य हुए हैं। कानून-व्यवस्था पहले से बेहतर हुई। आमजन खुली हवा में सांस ले रहा है। गांव प्रह्लादपुर निवासी सचिन कुमार चौधरी भी सौरभ की ही तरह अपनी बातों को रखते हैं। वह कहते हैं, देखिए, बदलाव तो आया है। क्षेत्र की सड़कों को ही देख लीजिए, पहले के मुकाबले इनमें सुधार हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुधरी है। किसानों के लिए भी काम हुआ है। वहीं, गांव बनियाखेड़ा निवासी किसान सतीश जैन इन तर्कों से इत्तफाक नहीं रखते। वे कहते हैं, गांवों में कोई विकास कार्य नहीं हुए हैं। गांवों में सड़क, जलनिकासी की समस्या बरकरार है। कमल प्रजापति आगे जोड़ते हैं, गांवों में विकास कार्य तो हुए नहीं, किसान छुट्टा पशुओं की समस्या से जूझ रहे हैं। किसानों की फसल छुट्टा पशु उजाड़ रहे हैं। लोग परेशान हैं, पर कोई सुननेे वाला नहीं है। वह कहते हैं, महंगाई और छुट्टा पशुओं की समस्याओं को लेकर जो नाराजगी है, उसका असर चुनाव में दिखेगा।
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गुलाब देवी की वजह से मानी जाती है वीआईपी सीट
चंदौसी विधानसभा सीट से गुलाब देवी 1991 में पहली बार विधायक चुनी गई थीं। भाजपा इस सीट पर पांच बार जीत हासिल कर चुकी है। पांच में से चार बार गुलाब देवी ने इस सीट पर भगवा परचम फहराया। 1996, 2017 में जीत के बाद गुलाब देवी प्रदेश सरकार में मंत्री बनीं।
वोटों का गणित
मुस्लिम 88 हजार
अनुसूचित जाति 85 हजार
वैश्य 40 हजार
खागी 30 हजारं
सैनी 25 हजार
ठाकुर 20 हजार
पाल 16 हजार
ब्राह्मण 15 हजार
यादव 15 हजार
प्रजापति 12 हजार
2017 का चुनाव परिणाम
गुलाब देवी, भाजपा 1,04,806
विमलेश कुमारी, कांग्रेस 59,337
विरमावती, बसपा 51,049
ज्योत्सना, महानदल 3615
रवींद्र कुमार, रालोद 1278