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Lucknow News: पानी में घुसकर पहुंचे स्कूल, पढ़ाई हुई न मिला भोजन
Mon, 03 Jul 2023 10:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 03 Jul 2023 10:40 PM IST
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रायबरेली। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद विद्यार्थी पानी से होकर स्कूल पहुंचे। पहले दिन न पढ़ाई हुई और न मिला भोजन। स्कूलों में गंदगी का अंबार तो रसोई में भरा रहा पानी। कहीं बच्चे पहुंचे तो स्कूल में ताला लटक रहा था, जिससे उनको इंतजार करना पड़ा। कहीं शिक्षक पहुंचे तो बच्चे नहीं थे। पहले दिन स्कूलों में अव्यवस्था का आलम रहा। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की सारी तैयारियों और व्यवस्थाओं की पोल सोमवार को खुल गई।
लापरवाह अफसरों ने अपर निदेशक बेसिक शिक्षा के आदेश के बावजूद स्कूलों की व्यवस्था ठीक कराने में लापरवाही बरती। बारिश की वजह से ज्यादातर स्कूल परिसर जलभराव के कारण तालाब जैसे नजर आए।ज्यादातर स्कूलों में बच्चों की औसत उपस्थिति 10 से 15 फीसदी रही। जलभराव से निपटने और घास-फूस व झाडिय़ों को कटवाने के कोई इंतजाम नहीं किए। ग्रामीण क्षेत्र ही क्या, नगर क्षेत्र के स्कूलों की बदहाली भी सामने आ गई। जिले में 2300 परिषदीय विद्यालयों में लगभग ढाई लाख बच्चे पढ़ते हैं, जिनमें से करीब 40 हजार बच्चे ही स्कूल पहुंचे। कुछ स्कूलों में ही एमडीएम बनवाया गया।
बछरावां क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सुदौली में 289 में से 15 बच्चे, प्राथमिक विद्यालय रघुनाथखेड़ा-प्रथम में 93 में से 35 बच्चे, प्राथमिक विद्यालय शेषपुर समोधा में 161 में से 27 बच्चे ही उपस्थित हुए। हेडमास्टर लोकतंत्र शुक्ला, दिलीप यादव ने बताया कि मध्यान्ह भोजन बनवाया गया है। ज्यादातर स्कूलों में गंदगी रही। बीईओ वरुण कुमार मिश्रा ने कहा कि व्यवस्था दुरुस्त हो रही है। उधर, भोजपुर क्षेत्र के दलीपुर विद्यालय में 91 में से महज पांच बच्चे आए। कंपोजिट विद्यालय दौलतपुर 110 में से सात बच्चे ही दिखे। स्टाफ अभिलेख दुरुस्त करने में जुटा रहा, कोई पढ़ाई नहीं हुई। कंपोजिट विद्यालय भोजपुर में कोई छात्र नहीं पहुंचा। स्कूल में झाडू तक नहीं लगी। प्रधानाध्यापक संजय सिंह ने कहा कि बच्चों के माता-पिता से संपर्क कर रहे हैं।
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विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने में शिक्षकों ने कोई तेजी नहीं दिखाई, नतीजतन हर स्कूल में उपस्थिति बहुत कम रही। सरेनी के प्राथमिक विद्यालय कुशलखेड़ा में 40 में से 17 बच्चे उपस्थित रहे। इंचार्ज प्रधानाध्यापक दीप कुमार ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के कारण छात्र संख्या कम रही। विद्यालय की छत में सीलन उतर आती है। उधर, शिवगढ़ क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बैंती-प्रथम में 122 बच्चों में महज 20 बच्चे, बैंती-द्वितीय में 105 में से महज 11 बजे आए। स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने कहा कि पहला दिन होने से बच्चे कम आए हैं।
ऊंचाहार। प्राथमिक विद्यालय नजनपुर में तय समय पर ताला नहीं खुला। बच्चे सुबह 8.30 बजे तक ताला खुलने का इंतजार करते रहे। सहायक अध्यापक अरुण कुमार और प्रीति कुमारी पहुंचे, लेकिन कमरों की चाभी नहीं थी। एक घंटे तक बच्चे कमरों के बाहर टहलते रहे। बच्चों की उपस्थिति 51 में से महज पांच रही। प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेंद्र प्रताप का दावा है कि स्कूल समय से खोला गया। बीईओ अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।
परशदेपुर। डीह क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भटपुरवा में सफाई न होने से घास-फूस उगी रही। छतोह क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जगतपुर में पानी भरा होने से बच्चों को दिक्कत हुई। शिक्षकों ने प्रयास जरूर किया, लेकिन जलभराव दूर नहीं हुआ। यहां 72 में से 21 बच्चे उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक रंजन कुमार ने बताया कि विद्यालय परिसर से सटा नाला पाट दिया गया है, जिससे जलनिकासी नहीं हो पाती है। कई बार अफसरों को पत्र भेजा, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। संवाद
खीरों। प्राथमिक विद्यालय मुस्तकीमगंज में करीब आठ फिट गहरा बड़ा गड्ढा है, जो बारिश के पानी की वजह से तालाब बन चुका है। इससे बच्चों पर खतरा मंडराता रहता है। हैंडपंप और शौचालय के इर्द-गिर्द भी जलभराव है। गोनामऊ, दुलापुर, लल्लाखेड़ा, बरौला, बलभद्र खेड़ा, चांदेमऊ, अतरहर, खपुरा, सेमरी के स्कूलों में भी जलभराव है। विद्यालय परिसर में झाड़ियां उगी हैं। बीईओ मुकेश कुमार ने कहा कि बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने का प्रयास हो रहा है। जलनिकासी की व्यवस्था भी कराई जा रही है।
अमावां। छुट्टी के बाद स्कूल खुलने पर उनकी बदहाली नजर आई। बारिश ने व्यवस्था की पोल खोल दी। साफ-सफाई न होने से बड़ी-बड़ी झाडिय़ां उगी हैं। प्राथमिक विद्यालय पूरे शिवा में कक्षा दो की छात्राओं से विद्यालय परिसर साफ कराया गया। पूरे मोटा, अमावां, रजवा बंदीपुर, पूरे शहादत, ताजपुर, संदीराम, दाउद नगर, खैरहना में झाडिय़ां उगी होने से जीव-जंतुओं का खतरा बना है। बीईओ रत्नामणि मिश्रा ने कहा कि अभिभावकों से संपर्क करके बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने का प्रयास हो रहा है।
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लापरवाह अफसरों ने अपर निदेशक बेसिक शिक्षा के आदेश के बावजूद स्कूलों की व्यवस्था ठीक कराने में लापरवाही बरती। बारिश की वजह से ज्यादातर स्कूल परिसर जलभराव के कारण तालाब जैसे नजर आए।ज्यादातर स्कूलों में बच्चों की औसत उपस्थिति 10 से 15 फीसदी रही। जलभराव से निपटने और घास-फूस व झाडिय़ों को कटवाने के कोई इंतजाम नहीं किए। ग्रामीण क्षेत्र ही क्या, नगर क्षेत्र के स्कूलों की बदहाली भी सामने आ गई। जिले में 2300 परिषदीय विद्यालयों में लगभग ढाई लाख बच्चे पढ़ते हैं, जिनमें से करीब 40 हजार बच्चे ही स्कूल पहुंचे। कुछ स्कूलों में ही एमडीएम बनवाया गया।
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बछरावां क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सुदौली में 289 में से 15 बच्चे, प्राथमिक विद्यालय रघुनाथखेड़ा-प्रथम में 93 में से 35 बच्चे, प्राथमिक विद्यालय शेषपुर समोधा में 161 में से 27 बच्चे ही उपस्थित हुए। हेडमास्टर लोकतंत्र शुक्ला, दिलीप यादव ने बताया कि मध्यान्ह भोजन बनवाया गया है। ज्यादातर स्कूलों में गंदगी रही। बीईओ वरुण कुमार मिश्रा ने कहा कि व्यवस्था दुरुस्त हो रही है। उधर, भोजपुर क्षेत्र के दलीपुर विद्यालय में 91 में से महज पांच बच्चे आए। कंपोजिट विद्यालय दौलतपुर 110 में से सात बच्चे ही दिखे। स्टाफ अभिलेख दुरुस्त करने में जुटा रहा, कोई पढ़ाई नहीं हुई। कंपोजिट विद्यालय भोजपुर में कोई छात्र नहीं पहुंचा। स्कूल में झाडू तक नहीं लगी। प्रधानाध्यापक संजय सिंह ने कहा कि बच्चों के माता-पिता से संपर्क कर रहे हैं।
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विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने में शिक्षकों ने कोई तेजी नहीं दिखाई, नतीजतन हर स्कूल में उपस्थिति बहुत कम रही। सरेनी के प्राथमिक विद्यालय कुशलखेड़ा में 40 में से 17 बच्चे उपस्थित रहे। इंचार्ज प्रधानाध्यापक दीप कुमार ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के कारण छात्र संख्या कम रही। विद्यालय की छत में सीलन उतर आती है। उधर, शिवगढ़ क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बैंती-प्रथम में 122 बच्चों में महज 20 बच्चे, बैंती-द्वितीय में 105 में से महज 11 बजे आए। स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने कहा कि पहला दिन होने से बच्चे कम आए हैं।
ऊंचाहार। प्राथमिक विद्यालय नजनपुर में तय समय पर ताला नहीं खुला। बच्चे सुबह 8.30 बजे तक ताला खुलने का इंतजार करते रहे। सहायक अध्यापक अरुण कुमार और प्रीति कुमारी पहुंचे, लेकिन कमरों की चाभी नहीं थी। एक घंटे तक बच्चे कमरों के बाहर टहलते रहे। बच्चों की उपस्थिति 51 में से महज पांच रही। प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेंद्र प्रताप का दावा है कि स्कूल समय से खोला गया। बीईओ अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।
परशदेपुर। डीह क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भटपुरवा में सफाई न होने से घास-फूस उगी रही। छतोह क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जगतपुर में पानी भरा होने से बच्चों को दिक्कत हुई। शिक्षकों ने प्रयास जरूर किया, लेकिन जलभराव दूर नहीं हुआ। यहां 72 में से 21 बच्चे उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक रंजन कुमार ने बताया कि विद्यालय परिसर से सटा नाला पाट दिया गया है, जिससे जलनिकासी नहीं हो पाती है। कई बार अफसरों को पत्र भेजा, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। संवाद
खीरों। प्राथमिक विद्यालय मुस्तकीमगंज में करीब आठ फिट गहरा बड़ा गड्ढा है, जो बारिश के पानी की वजह से तालाब बन चुका है। इससे बच्चों पर खतरा मंडराता रहता है। हैंडपंप और शौचालय के इर्द-गिर्द भी जलभराव है। गोनामऊ, दुलापुर, लल्लाखेड़ा, बरौला, बलभद्र खेड़ा, चांदेमऊ, अतरहर, खपुरा, सेमरी के स्कूलों में भी जलभराव है। विद्यालय परिसर में झाड़ियां उगी हैं। बीईओ मुकेश कुमार ने कहा कि बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने का प्रयास हो रहा है। जलनिकासी की व्यवस्था भी कराई जा रही है।
अमावां। छुट्टी के बाद स्कूल खुलने पर उनकी बदहाली नजर आई। बारिश ने व्यवस्था की पोल खोल दी। साफ-सफाई न होने से बड़ी-बड़ी झाडिय़ां उगी हैं। प्राथमिक विद्यालय पूरे शिवा में कक्षा दो की छात्राओं से विद्यालय परिसर साफ कराया गया। पूरे मोटा, अमावां, रजवा बंदीपुर, पूरे शहादत, ताजपुर, संदीराम, दाउद नगर, खैरहना में झाडिय़ां उगी होने से जीव-जंतुओं का खतरा बना है। बीईओ रत्नामणि मिश्रा ने कहा कि अभिभावकों से संपर्क करके बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने का प्रयास हो रहा है।