पासवान बोले, 'केंद्र सस्ती दाल देने को तैयार, राज्य लेकर बंटवाए'
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केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्री राम विलास पासवान ने कहा है कि लोगों को सस्ती दाल देने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को 66 रुपये किलो अरहर व 82 रुपये किलो उड़द की दाल देने को तैयार है। राज्य सरकारें जितनी दाल चाहे केंद्र से मांग कर लोगों में बंटवा सकती हैं।
पासवान यहां विकास पर्व के अंतर्गत आवास-विकास परिषद में पत्रकारों से मुखातिब थे। पासवान ने दावा किया कि दाल को छोड़कर अन्य किसी तरह की महंगाई नहीं बढ़ी है। दाल के दाम में तेजी की मुख्य वजह देश में उत्पादन में कमी और खपत का ज्यादा होना है।
एक साल पहले 171 लाख टन दाल का उत्पादन हुआ था इस बार 170 लाख टन ही रहा। इसके उलट एक साल पहले खपत 226 लाख टन थी। इस साल 236 लाख टन रहने का अनुमान है। इस तरह खपत हर साल 10 लाख टन बढ़ रहा है, उत्पादन जस का तस है।
26 लाख टन दाल का हो चुका है आयात
उन्होंने बताया कि दाल के दाम पर नियंत्रण के लिए इस बार 58 लाख टन दाल आयात करने की योजना है। इसमें 26 हजार टन दाल आयात की जा चुकी है। इसी तरह 1.5 लाख टन का बफर स्टाक बनाने का फैसला है।
90 हजार टन दाल स्टाक में आ चुकी है। इसके अलावा सरकार ने किसानों से दाल की पैदावार बढ़ाने की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें केंद्र से जितना चाहें दाल लेकर 120 रुपये की सीमा में दाम तय कर बांट सकती है।
पीएम के गन्ना बकाये वाले बयान पर सफाई
गन्ना बकाये को लेकर प्रधानमंत्री और पासवान के परस्पर विरोधी आंकड़ों पर भी सवाल हुआ। पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बीते गन्ना सत्र के मौजूदा बकाये की बात की है जिसमें करीब 750 करोड़ रुपये बचा है।
जबकि मैंने चालू सीजन तक के बकाये की चर्चा की है जो देश में इस समय 9361 करोड़ और यूपी में 5795 करोड़ है और इसका भुगतान सितंबर तक होना है।
उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार आने पर गन्ना बकाया 14 हजार करोड़ रुपये था। बकाया दिलाने को लेकर कई कदम उठाए गए जिससे अब यह 9361 करोड़ पर आ गया है। सितंबर तक पूरे बकाए का भुगतान करा दिया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा योजना को लेकर झूठ बोल रही प्रदेश सरकार
पासवान ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा योजना में केंद्र पूरे देश के बीपीएल परिवारों को दो रुपये किलो गेहूं व तीन रुपये किलो चावल दे रही है। राज्य इसमें बिना कोई खर्चा किए श्रेय लेने के लिए झूठ बोल रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कह रही है कि सस्ता गेहूं-चावल वह बंटवा रही है। यह झूठ है। उन्होंने कहा कि गेहूं और चावल पूरे दाम में खरीदकर दो-तीन रुपये में गरीब परिवारों को देने का काम केंद्र कर रहा है।
यूपी के 14 करोड़ परिवार इसका फायदा पा रहे हैं।सूबे की सरकार को चाहिए कि वह दो-तीन रुपये का खर्चा अपनी ओर से वहन करे और गरीबों को मुफ्त अनाज दिलाए।
छत्तीसगढ़ की रमन सिंह सरकार अपनी ओर से भी सब्सिडी दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें चाहे तो केंद्र से तीन महीने का एडवांस आवंटन ले सकती हैं। ऐसे में गरीबों की भूख से मौतें नहीं होनी चाहिए।
दलित महिलाओं को इस तरह बनाएंगे मजबूत
पासवान ने कहा कि अब तक की सरकारें डा. अंबेडकर का अपमान करती रहीं। इस सरकार ने अंबेडकर को सम्मान व प्रतिष्ठा दिलाई है। उन्होंने कहा कि यूपी में मायावती सरकार रही हो या मुलायम सिंह व अखिलेश यादव की सरकार, सामाजिक न्याय की खूब बाते हुईं लेकिन किया कुछ नहीं गया।
एनडीए सरकार ने न सिर्फ डा. अंबेडकर से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्मारक के रूप में डवलप करने की योजना बनाई बल्कि हर बैंक से एक दलित व एक महिला को बिजनेसमैन बनाने का लक्ष्य दिया।
इससे हर साल करीब ढाई लाख दलित व महिलाएं बिजनेसमैन बनेंगे और 10-10 लोगों को भी ये काम दें तो 25 लाख को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि लोगों को आशंका थी कि भाजपा आएगी तो अमीरों की बात होगी लेकिन दो बजट से साबित हो गया कि यह सरकार पूरी तरह से गरीब, किसान और आम जनता की सरकार है। हर काम गरीबों के कल्याण को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
राशन कार्ड को आधार से जोड़कर बचाए 10 हजार करोड़
पासवान ने बताया कि खाद्य सुरक्षा कानून अब तक 33 राज्यों में लागू हो चुका है। नागालैंड में तीन जुलाई से लागू हो जाएगा। तमिलनाडु व केरल में भी जल्द लागू करने की योजना है। इसके बाद यह कानून पूरे देश में लागू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत आधार कार्ड से राशन कार्ड को जोड़े जाने का काम शुरू किया गया। इससे 1.62 करोड़ जाली राशन कार्ड पकड़े और एक साल में 10 हजार करोड़ की सब्सिडी बची।
कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट संसद में पेश
कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट से उपभोक्ताओं को मिलेंगे ज्यादा अधिकार
पासवान ने बताया कि सरकार कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट संसद में पेश कर चुकी है। इसमें जिलों की कंज्यूमर कोर्ट 20 लाख की जगह एक करोड़, राज्य की 1 करोड़ की जगह 10 करोड़ की सीमा के मामले सुन सकेंगी। अब 10 दिन में शिकायत दर्ज करना जरूरी होगा।
केस में वकील रखने की अनिवार्यता भी समाप्त होगी और समझौता की भी किए जा सकेंगे। इसके अलावा एक स्वतंत्र अथारिटी का भी गठन होगा जो उपभोक्ता सुविधाओं व खाद्य तथा पेय पदार्थों आदि की गुणवत्ता से जुड़े मामले देखेगी।
उपभोक्ताओं को झूठे विज्ञापन जारी कर फंसाने वाले मामलों पर भी यह नजर रखेगी और उसके उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के प्रावधान होंगे। सामनों की नाप-तौल को मानक का बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
बजरंगदल, बिहार और चुनाव के सवाल से किया किनारा
पासवान से अयोध्या में बजरंगदाल के प्रशिक्षण से जुड़े वीडियो, यूपी विधानसभा में उनकी पार्टी के चुनाव लड़ने और बिहार से जुड़े सवाल भी हुए।
पासवान विकास पर्व के मौके पर ऐसे सवालों का जवाब देने से मना कर दिया। बोले, अगली बार आएंगे तो सारे सवालों पर भी बात करेंगे। उन्होंने कहा कि मायावती मोदी सरकार की तारीफ कैसे करेंगी? यदि वे तारीफ करेंगी तो आप लोग उन्हें एनडीए में जाने की सलाह देने लगेंगे।