{"_id":"65f935c0440a4e207c001e19","slug":"rampur-and-moradabad-lok-sabha-tickets-will-be-decided-by-azam-opinion-sp-pilibhit-candidate-also-not-final-2024-03-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: सपा बदलेगी इन दो सीटों के प्रत्याशी! पीलीभीत से उम्मीदवार का एलान इसलिए रोका; रामपुर-मुरादाबाद में भी पेंच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: सपा बदलेगी इन दो सीटों के प्रत्याशी! पीलीभीत से उम्मीदवार का एलान इसलिए रोका; रामपुर-मुरादाबाद में भी पेंच
Tue, 19 Mar 2024 01:20 PM IST
शाहरुख खान
अजित बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ
अजित बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 19 Mar 2024 01:20 PM IST
सार
समाजवादी पार्टी अपने घोषित दो उम्मीदवार बदल सकती है। वहीं, रामपुर-मुरादाबाद के टिकट आजम की राय से तय होंगे। सपा का पीलीभीत का भी प्रत्याशी फाइनल नहीं हुआ है। पहले चरण के लिए कल से नामांकन होंगे।
विज्ञापन
lok sabha elections 2024
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन बुधवार से शुरू होंगे, पर अभी तक सपा ने रामपुर, मुरादाबाद और पीलीभीत के टिकट फाइनल नहीं किए हैं। बताया जा रहा है कि रामपुर और मुरादाबाद का टिकट जेल में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां की सहमति के बाद घोषित किए जाएंगे।
2019 में मुरादाबाद से एसटी हसन और रामपुर से आजम खां जीते। पर, कुछ समय बाद आजम खां को एक मामले में कोर्ट ने तीन साल की सजा सुना दी। इससे आजम की सदस्यता चली गई। वर्ष 2022 में हुए उपचुनाव में भाजपा ने यह सीट सपा से छीन ली। वर्तमान में रामपुर से भाजपा के घनश्याम लोधी सांसद हैं।
पहले चरण के चुनाव में आठ सीटें सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत शामिल हैं। इनमें से एकमात्र सहारनपुर सीट इंडी गठबंधन के तहत कांग्रेस के खाते में है। सपा अभी तक कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर व नगीना में अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।
विज्ञापन
मुरादाबाद से एसटी हसन के अलावा दो-तीन विधायक भी टिकट मांग रहे हैं। पिछली बार भी एसटी हसन को टिकट आजम खां के कहने पर ही दिया गया था। सपा सूत्रों का कहना है कि रामपुर और मुरादाबाद में हमेशा की तरह इस बार भी आजम खां की राय को ही अहमियत मिलेगी। शीर्ष नेतृत्व उनसे संपर्क के बाद दोनों सीटों पर प्रत्याशी घोषित करेगा।
विज्ञापन
2019 में मुरादाबाद से एसटी हसन और रामपुर से आजम खां जीते। पर, कुछ समय बाद आजम खां को एक मामले में कोर्ट ने तीन साल की सजा सुना दी। इससे आजम की सदस्यता चली गई। वर्ष 2022 में हुए उपचुनाव में भाजपा ने यह सीट सपा से छीन ली। वर्तमान में रामपुर से भाजपा के घनश्याम लोधी सांसद हैं।
विज्ञापन
पहले चरण के चुनाव में आठ सीटें सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत शामिल हैं। इनमें से एकमात्र सहारनपुर सीट इंडी गठबंधन के तहत कांग्रेस के खाते में है। सपा अभी तक कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर व नगीना में अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।
विज्ञापन
मुरादाबाद से एसटी हसन के अलावा दो-तीन विधायक भी टिकट मांग रहे हैं। पिछली बार भी एसटी हसन को टिकट आजम खां के कहने पर ही दिया गया था। सपा सूत्रों का कहना है कि रामपुर और मुरादाबाद में हमेशा की तरह इस बार भी आजम खां की राय को ही अहमियत मिलेगी। शीर्ष नेतृत्व उनसे संपर्क के बाद दोनों सीटों पर प्रत्याशी घोषित करेगा।
पीलीभीत के टिकट के लिए भाजपा के कदम का इंतजार
माना जा रहा है कि इस बार भाजपा पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी या सुल्तानपुर से सांसद उनकी मां मेनका गांधी में से किसी एक को ही टिकट दे सकती है। इन्हीं समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सपा ने अभी तक पीलीभीत में किसी को टिकट नहीं दिया है। गांधी परिवार और सपा नेतृत्व के बीच रिश्ते अच्छे बताए जाते हैं।
माना जा रहा है कि इस बार भाजपा पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी या सुल्तानपुर से सांसद उनकी मां मेनका गांधी में से किसी एक को ही टिकट दे सकती है। इन्हीं समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सपा ने अभी तक पीलीभीत में किसी को टिकट नहीं दिया है। गांधी परिवार और सपा नेतृत्व के बीच रिश्ते अच्छे बताए जाते हैं।
बदल सकता है मेरठ का प्रत्याशी
सपा मेरठ में अपना प्रत्याशी बदल सकती है। यहां से भानु प्रताप सिंह को टिकट दिया गया है। सपा सूत्रों के मुताबिक, मेरठ से भानु प्रताप के स्थान पर किसी स्थानीय दलित नेता को टिकट दिया जा सकता है। कयास बिजनौर का टिकट बदलने के भी लगाए जा रहे हैं, लेकिन बिजनौर के सपा प्रत्याशी यशवीर सिंह ने इसे अपने विरोधियों की साजिश बताया है। उनका कहना है कि वह पूरी दमदारी के साथ चुनाव लड़ेंगे।
सपा मेरठ में अपना प्रत्याशी बदल सकती है। यहां से भानु प्रताप सिंह को टिकट दिया गया है। सपा सूत्रों के मुताबिक, मेरठ से भानु प्रताप के स्थान पर किसी स्थानीय दलित नेता को टिकट दिया जा सकता है। कयास बिजनौर का टिकट बदलने के भी लगाए जा रहे हैं, लेकिन बिजनौर के सपा प्रत्याशी यशवीर सिंह ने इसे अपने विरोधियों की साजिश बताया है। उनका कहना है कि वह पूरी दमदारी के साथ चुनाव लड़ेंगे।