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Ayodhya: राममंदिर निर्माण के साथ बाजारों में धनवर्षा, सिर्फ तीन साल के आंकड़े कह रहे विकास की कहानी
Mon, 09 Dec 2024 08:08 PM IST
ishwar ashish
सतीश पाठक, अमर उजाला, अयोध्या
सतीश पाठक, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 09 Dec 2024 08:08 PM IST
सार
राममंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या के बाजारों में कारोबार को पंख लग गए हैं। स्टेट जीएसटी के अयोध्या जोन के आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं। साल-दर-साल राजस्व संग्रह में इजाफा हो रहा है।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
राममंदिर निर्माण के साथ अंतरराष्ट्रीय विवाद का पटाक्षेप हुआ तो इसका असर आसपास के जिलों में भी दिखा। अनुकूल माहौल में कारोबार को पंख लगे। बाजारों में धनवर्षा हुई तो सरकारी खजाना भी खूब भरा। स्टेट जीएसटी के साल-दर-साल बढ़ रहे आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। इसके अनुसार राजस्व संग्रह में जीएसटी ने तेजी से छलांग लगाकर विकास का मार्ग प्रशस्त किया है।
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एक समय अयोध्या की पहचान विवादों की नगरी में रूप में थी। आए दिन आंदोलनों, धरना-प्रदर्शन आदि के कारण अक्सर यातायात परिवर्तित रहता था, जिससे लोग अयोध्या समेत आसपास के जिलों में भी कारोबार में दिलचस्पी नहीं लेते थे। अयोध्या की आय मठ-मंदिरों और छोटे-मोटे व्यवसायों पर ही निर्भर थी। नौ नवंबर, 2019 को ऐतिहासिक फैसले ने सिर्फ बड़े विवाद का खात्मा ही नहीं किया, बल्कि विकास की नई इबारत भी लिखी।
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मंदिर निर्माण के फैसले से लोग यहां कारोबार को लालायित हुए। तमाम तरह के व्यवसायों का ताना-बाना बुनना शुरू हुआ। पांच अगस्त, 2020 को मंदिर के भूमिपूजन के बाद जैसे-जैसे मंदिर की दिव्यता और भव्यता निखरती रही, यहां कारोबार भी फलते-फूलते रहे। श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद तो कारोबार दोगुनी रफ्तार से फर्राटा भर रहा है। यह कारोबारी स्थानीय लोगों को तो रोजगार दे ही रहे हैं, सरकारी खजाना भरकर देश की उन्नति में भी सहयोग कर रहे हैं।
जीएसटी के सिर्फ तीन साल के आंकड़े इसकी हकीकत बताने को पर्याप्त हैं। अयोध्या जोन में वर्ष 2017-18 में 34,752 व्यापारी पंजीकृत थे, जो 384.50 करोड़ राजस्व जमा करते थे। वर्ष 2021-22 में जीएसटी संग्रह 826.05 करोड़ से बढ़कर 990.14 करोड़ पहुंच गया। अगले वर्ष जीएसटी संग्रह 1322.06 करोड़ पहुंचा। 2023-24 में तो सारे रिकॉर्ड टूट गए और लगभग 69,656 व्यापारियों ने 1798.22 करोड़ रुपये जीएसटी जमा किया।
इस तरह बढ़ा नया पंजीकरण
- राममंदिर निर्माण के साथ प्रतिवर्ष नए पंजीयन के मामले में भी इजाफा हो रहा है। मौजूदा वर्ष में तो हर बार अयोध्या जोन लक्ष्य के सापेक्ष पंजीयन के मामले में अव्वल है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में अयोध्या जोन में 22,251, वर्ष 2023 में 25,235 और मौजूदा वर्ष में अब तक 16,235 व्यापारियों ने पंजीकरण कराया है।
अयोध्या जोन के अपर आयुक्त ग्रेड अरविंद कुमार का कहना है कि राममंदिर निर्माण के साथ ही निस्संदेह प्रतिवर्ष कारोबार में इजाफा हो रहा है। इसी का नतीजा है कि लगभग हर माह लक्ष्य के सापेक्ष पंजीयन, राजस्व संग्रह समेत अन्य सभी मामलों में अयोध्या जोन की स्थिति बेहतर है। आगे भी अयोध्या जोन ऊंचाई को छुए, ऐसी उम्मीद है।