राम मंदिर विवाद पर ये क्या बोल गए महंत!
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गोरक्षपीठाधीश्वर व सांसद महंत आदित्यनाथ ने कहा कि देश व दुनिया में 100 करोड़ हिंदुओं की प्रबल इच्छा है कि राम मंदिर का निर्माण हो।
इसके लिए आवश्यक है कि संसद में बहस हो और राम मंदिर निर्माण की बाधाओं को दूर करने की कार्रवाई प्रारंभ हो।
बड़ा भक्तमाल में महंत कौशल किशोर दास के पट्टाभिषेक के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित अमृत महोत्सव में शामिल होने के दौरान महंत पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि करोड़ों हिंदुओं की मंदिर निर्माण की उन भावनाओं का वह सम्मान करते हैं। इस संकल्प की पूर्ति के लिए गोरक्षपीठ हर प्रकार का सहयोग व समर्पण के लिए तैयार है।
केंद्र में भाजपा सरकार के गठन के बाद संसद से मंदिर/मस्जिद विवाद के हल के सवाल पर महंत ने कहा कि संसद देश की समस्याओं को सुलझाने का सर्वोच्च मंच है।
संसदीय लोकतंत्र में संसद की सर्वोच्चता पर किसी प्रकार का सवालिया निशान नहीं लग सकता और न ही लगाया जाना चाहिए।
संसद में शुरू हो बहस
अब संसद में बहस हो और राम मंदिर निर्माण की बाधाओं को दूर करने के लिए कार्रवाई प्रारंभ हो। इसके लिए केन्द्र सरकार काम भी कर रही है।
विदेशों में जमा काले धन पर सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को फटकार के सवाल पर कहा कि काले धन पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पहले ही एसआईटी का गठन कर लिया है।
केंद्र की वर्तमान सरकार विदेश में रखा काला धन पूरी तरीके से लाने के लिए कृत संकल्पित है। महाराष्ट्र में सरकार बनाने के सवाल पर कहा कि स्वार्थों से प्रेरित राजनीति लोक कल्याण के लिए खतरनाक होती है।
देश व महाराष्ट्र के हित में आवश्यक है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बने और शिवसेना सहभागी बने। गंगा प्रदूषण पर कोर्ट के आदेशों पर कहा कि गंगा की अविरलता व निर्मलता हम सबके लिए महत्वपूर्ण है।
कहा कि जरूरत है कि पहले नदियों में गिरने वाले सीवेज ड्रेनेज व औद्योगिक कचरे को नियंत्रित किया जाए। इसके बाद नदियों के प्रदूषण की मात्रा का परीक्षण किया जाए।