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अयोध्या में ट्रस्ट की बैठक में तय होगी मंदिर निर्माण की तिथि, 2-3 मार्च को हो सकती है मीटिंग
Fri, 21 Feb 2020 10:42 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 21 Feb 2020 10:42 AM IST
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राममंदिर निर्माण के लिए बनाए गए ट्रस्ट की बुधवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में शामिल होकर लौटे निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि अयोध्या में आगामी 2 या तीन मार्च को ट्रस्ट की बैठक हो सकती है। अयोध्या में होने वाली ट्रस्ट की बैठक में राममंदिर निर्माण की तिथि पर चर्चा की जाएगी। बैठक में रामंमदिर निर्माण की तिथि घोषित की जा सकती है।
ट्रस्ट अयोध्या में शीघ्र ही दिव्य-भव्य राममंदिर का निर्माण चाहता है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की बैठक में रामनवमी पर राममंदिर निमर्वण शुरू होने पर चर्चा हुई जिस पर ट्रस्ट के सदस्यों की सहमति नहीं बन पाई।
महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि चूंकि रामनवमी पर अयोध्या में 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं का जमावड़ा होता है। ऐसे में रामनवमी पर्व पर मंदिर निर्माण की आधारशिला नहीं रखी जा सकती। क्योंकि मंदिर निर्माण शुरू होते ही लाखों रामभक्त अयोध्या पहुंचे ऐसे में भीड़ नियंत्रित करने के लिए पहले से प्लान बनाने की जरूरत है।
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राममंदिर किस मॉडल पर बनेगा इस सवाल पर कहा कि अयोध्या में होने वाली बैठक में ही मंदिर मॉडल पर भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि अयोध्या में बनने वाले राममंदिर दिव्य, भव्य, अलौकिक व अतुलनीय होगा। राममंदिर निर्माण में ट्रस्ट के सदस्य के रूप में हर संभव सहयोग करूंगा।
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ट्रस्ट अयोध्या में शीघ्र ही दिव्य-भव्य राममंदिर का निर्माण चाहता है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की बैठक में रामनवमी पर राममंदिर निमर्वण शुरू होने पर चर्चा हुई जिस पर ट्रस्ट के सदस्यों की सहमति नहीं बन पाई।
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महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि चूंकि रामनवमी पर अयोध्या में 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं का जमावड़ा होता है। ऐसे में रामनवमी पर्व पर मंदिर निर्माण की आधारशिला नहीं रखी जा सकती। क्योंकि मंदिर निर्माण शुरू होते ही लाखों रामभक्त अयोध्या पहुंचे ऐसे में भीड़ नियंत्रित करने के लिए पहले से प्लान बनाने की जरूरत है।
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राममंदिर किस मॉडल पर बनेगा इस सवाल पर कहा कि अयोध्या में होने वाली बैठक में ही मंदिर मॉडल पर भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि अयोध्या में बनने वाले राममंदिर दिव्य, भव्य, अलौकिक व अतुलनीय होगा। राममंदिर निर्माण में ट्रस्ट के सदस्य के रूप में हर संभव सहयोग करूंगा।
बैठक में निर्मोही अखाड़ा ने रखा पूजा-पाठ के अधिकार का प्रस्ताव
ट्रस्ट की पहली बैठक में निर्मोही अखाड़ा ने पूजा-पाठ का अधिकार मांगा इसके लिए तीन सूत्रीय प्रस्ताव पर ट्रस्ट के समक्ष निर्मोही अखाड़ा के महंत ट्रस्टी दिनेंद्र दास द्वारा रखा गया।
पहले प्रस्ताव में निर्मोही अखाड़ा के सरपंच महंत राजारामचंद्राचार्य, उपसरपंच महंत नरसिंह दास, पंच महंत भगवान दास, महंत रामस्वरूप दास, महंत रामसुरेश दास व महंत मदनमोहन दास को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है।
दूसरे प्रस्ताव में निर्मोही अखाड़ा ने पूजा-पाठ का अधिकार मांगा है। क्योंकि श्रीरामजन्मभूमि पर लंबे समय तक पूजा-पाठ, सेवा, निर्मोही अखाड़ा के संतों द्वारा वैष्णव परंपरा एवं पद्धति से किया जाता रहा है।
तीसरे प्रस्ताव में कहा गया कि जब राममंदिर निर्माण की आधारशिला रखी जाए तो निर्मोही अखाड़ा की रामानंदीय वैष्णव परंपरा एवं पूजा पद्धति के अनुसार हो जिसमें अखाड़े के पंच मौजूद रहेगें। उन्होंने कहा कि बैठक वमें ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने भी स्वीकार किया कि निर्मोही अखाड़ा वर्षों से रामजन्मभूमि में पूजा-पाठ करता रहा है।
पहले प्रस्ताव में निर्मोही अखाड़ा के सरपंच महंत राजारामचंद्राचार्य, उपसरपंच महंत नरसिंह दास, पंच महंत भगवान दास, महंत रामस्वरूप दास, महंत रामसुरेश दास व महंत मदनमोहन दास को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है।
दूसरे प्रस्ताव में निर्मोही अखाड़ा ने पूजा-पाठ का अधिकार मांगा है। क्योंकि श्रीरामजन्मभूमि पर लंबे समय तक पूजा-पाठ, सेवा, निर्मोही अखाड़ा के संतों द्वारा वैष्णव परंपरा एवं पद्धति से किया जाता रहा है।
तीसरे प्रस्ताव में कहा गया कि जब राममंदिर निर्माण की आधारशिला रखी जाए तो निर्मोही अखाड़ा की रामानंदीय वैष्णव परंपरा एवं पूजा पद्धति के अनुसार हो जिसमें अखाड़े के पंच मौजूद रहेगें। उन्होंने कहा कि बैठक वमें ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने भी स्वीकार किया कि निर्मोही अखाड़ा वर्षों से रामजन्मभूमि में पूजा-पाठ करता रहा है।