राजनाथ व रीता दोनों मालदार फिर भी बिना कार
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लोकसभा के लिए लखनऊ सीट से भाजपा प्रत्याशी राजनाथ सिंह की चल-अचल संपत्तियों में बीते पांच साल में 1.27 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।
वहीं कांग्रेस प्रत्याशी रीता बहुगुणा जोशी की संपत्ति में भी इजाफा हुआ है।
चौंकाने वाली बात यह है कि इन दोनों ही नेताओं की चल-अचल संपत्तियों में हुए इजाफे के बाद भी इनमें से किसी के पास भी अपनी कोई कार अथवा अन्य वाहन नहीं है।
सात बैंक खातों में करीब 54.85 लाख जमा
पांच साल पहले गाजियाबाद से चुनाव लड़ते समय राजनाथ सिंह की कुल घोषित 1.24 करोड़ की संपत्ति 2.51 करोड़ तक पहुंच गई है।
इसमें 61.71 लाख की चल और 1.90 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी रीता बहुगुणा की चल-अचल संपत्ति बीते दो साल में 75 लाख हो गई है।
नामांकन के दौरान राजनाथ सिंह ने 61,71,858 रुपये की संपत्ति का ब्यौरा दिया है। इसमें 65 हजार रुपये नगदी के साथ सात बैंक खातों में करीब 54.85 लाख की जमा राशि है।
रिवॉल्वर और बंदूक भी है राजनाथ के पास
इसके अलावा 1.80 लाख की कीमत का सोना व 3 लाख के रत्न भी शामिल हैं। राजनाथ के पास एक 32 बोर रिवॉल्वर के साथ एक दो नाली बंदूक तो है लेकिन निवेश व एलआईसी में कुछ भी इन्वेस्ट नहीं है।
इतना ही नहीं उनके पास अपनी कोई कार अथवा अन्य वाहन तक नहीं है।
जबकि पत्नी के पास मौजद 40.68 लाख की चल संपत्तियों में 22.50 के सोने के जेवरात, 3.50 लाख की चांदी व 2.35 लाख के किसान पत्र के साथ ही पांच बैंक खातों में जमा धनराशि भी है।
राजनाथ सिंह के पास वर्तमान में 1.90 करोड़ की अचल संपत्ति के बतौर गोमती नगर में 1.40 करोड़ की बाजार कीमत वाला आवासीय भवन और 50 लाख कीमत की कृषि योग्य भूमि भी है।
रीता के पास 20 हजार का मोबाइल
कांग्रेसी प्रत्याशी रीता बहुगुणा के पास 65,14,455 रुपयों की चल संपत्ति में नगदी 25 हजार, बैंकों के चार खातों में जमा 59.18 लाख के साथ ही गल्फ ऑयल कार्पोरेशन में 1.37 लाख और इंडिया बुल्स फाइनेंसियल सर्विस में 38 हजार से अधिक इन्वेस्ट हैं।
3.24 लाख के सोने के जेवरात, 20 हजार का मोबाइल हैंडसेट होने के बावजूद एक भी चार पहिया अथवा दो पहिया वाहन तक नहीं है।
95 लाख की अचल संपत्ति के बतौर नई दिल्ली में वाणिज्यक भवन के साथ इलाहाबाद में एक आवासीय भवन भी है।
रीता पर एक मुकदमा विचाराधीन
डॉ. रीता बहुगुणा जोशी पर 126 आरपी एक्ट के तहत आईपीसी की धारा 188 का एक वाद भी एसीजेएम कोर्ट में विचाराधीन है।
इसके साथ ही इनके खिलाफ दर्ज दो एफआईआर का प्रकरण भी हाईकोर्ट द्वारा लगी रोक के बाद अंतिम निस्तारण को लंबित है।
नामांकन से पहले रीता ने जमकर राजनाथ सिंह और भाजपा को लताड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा एक फासिस्ट पार्टी है जो देश में सांप्रदायिकता लाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही सेकुलर रही और इसी के भरोसे पार्टी चुनाव में जीतेगी।