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राजभर ने योगी सरकार को दिया 100 दिन का अल्टीमेटम, बात नहीं मानी तो इस्तीफा
Thu, 03 Jan 2019 07:32 PM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 03 Jan 2019 07:32 PM IST
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कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर
- फोटो : amar ujala
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योगी सरकार के खिलाफ कभी सख्त तो कभी नरम तेवर दिखाने वाले कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अब अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर 100 दिन के भीतर पिछड़ों के आरक्षण का बंटवारा नहीं किया गया तो वह भी सरकार को अलविदा कह मंत्री पद त्याग देंगे।
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हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी यह मांग मान ली गई तो वह आगामी लोकसभा का चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लडेंगे। अन्यथा अकेले दम पर लोकसभा की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान कर देंगे।
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भाजपा के प्रमुख सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि उनका भाजपा और सरकार से मतभेद सिर्फ पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण के बंटवारे को लेकर है।
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वह पिछले एक साल से 27 प्रतिशत के आरक्षण को पिछड़ी, अति पिछड़ी और सर्वाधिक पिछड़ी जाति में बराबर-बराबर भागों में बांटने की मांग करते आ रहे हैं, ताकि पिछड़ी जाति के सभी लोगों को समान रूप से आरक्षण का लाभ मिल सके।
बंटवारा नहीं होने से आरक्षण का लाभ सिर्फ उन लोगों को ही मिल पा रहा है, जिनको वास्तविक रूप में इसकी जरूरत ही नहीं है। पिछड़ी जाति में शामिल होने के नाते कुछ समृद्ध जाति के लोग आरक्षण का पूरा लाभ ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पनी इस मांग को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत भाजपा और प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत अन्य लोगों से कई बार मिलकर भी अनुरोध कर चुका हूं, लेकिन सभी ने आश्वासन देकर टरका दिया।
उन्होंने कहा कि अब तो सरकार द्वारा गठित सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट में भी पिछड़ों के आरक्षण का बंटवारा करने की संस्तुति की गई है जिसे लागू करने के लिए उन्होंने सरकार से मांग की है।
इसलिए हमने अंतिम तौर पर 100 दिन का समय दिया है कि इस अवधि में यदि समिति की संस्तुतियों को लागू नहीं किया गया तो भाजपा अपनी राह और सुभासपा अपनी राह चलने को स्वतंत्र हो जाएंगे।