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यूपी में बैन हुई इस राज्य की पैरासिटामॉल सिरप, खरीदने से पहले देखें ये जानकारी
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 10 Oct 2017 11:43 AM IST
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खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने राजस्थानी पैरासिटामाल सिरप मरीजों को देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। सिरप की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट आने के बाद इस पर कोई फैसला होगा।
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इस सिरप की 1800 बोतलें सीएमओ के स्टोर में मिली थी। यूपी में राजस्थान की पैरासिटामाल सिरप की आपूर्ति करने वाली कंपनी को महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने नोटिस जारी की है।
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कंपनी के अधिकारियों से पूछा गया है, दूसरे राज्य की दवाएं यूपी के अस्पतालों को कैसे आपूर्ति की गई।
बच्चों को बुखार में दी जाने वाली पैरासिटामाल सिरप की आपूर्ति में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने खेल कर दिया। लखनऊ में राजस्थान और रायबरेली में बिहार की पैरासिटामाल सिरप कंपनी से ले ली।
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जब इसका खुलासा तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। एफएसडीए ने भी इसमें तेजी दिखाते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ के रेडक्रॉस स्थित ड्रग स्टोर में छापा मारकर लगभग सिरप का नमूना लिया।
साथ ही 1,800 बोतल सिरप को सीलकर दिया। ये सभी राजस्थान की कंपनी की दवा है। रायबरेली में बिहार की 4600 बोतल पैरासिटामॉल पकड़ी गई।
एफएसडीए के अधिकारियों का कहना है कि यदि दवा अधोमानक पाई गई तो कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सिरप पर एक्सपायरी डेट 2019 लिखी हुई है।
कानपुर देहात में भी दूसरे प्रदेश की सिरप
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कानपुर देहात में भी राजस्थान की सिरप मिलने की सूचना मिली है। इसकी जांच की जा रही है। यदि वहां भी दूसरे प्रदेश की सिरप मिली तो वहां भी मरीजों को इसे देने पर रोक लगायी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी खोज रहे बचाव का रास्ता
दूसरे प्रदेश की सिरप के मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्वयं को बचाने का रास्ता खोजना शुरू कर दिया है। सिरप के डिब्बों पर यूपी गवर्नमेंट सप्लाई लिखा है जबकि बोतल पर राजस्थान गर्वनमेंट सप्लाई।
अब इसे मानवीय भूल बताया जा रहा है। इसके बावजूद एफएसडीए ने सिरप की गुणवत्ता की जांच कराकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मंशा पर पानी फेर दिया है। एफएसडीए ने दवा आपूर्ति से जुड़े सभी दस्तावेज तलब किए हैं।
अब इसे मानवीय भूल बताया जा रहा है। इसके बावजूद एफएसडीए ने सिरप की गुणवत्ता की जांच कराकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मंशा पर पानी फेर दिया है। एफएसडीए ने दवा आपूर्ति से जुड़े सभी दस्तावेज तलब किए हैं।